सुधार करने का ये आखिरी मौका
बोर्ड ने बताया कि एलओसी जमा करने के बाद छात्रों और अभिभावकों को एक डेटा वेरिफिकेशन स्लिप दी जाती है, ताकि वे नाम, माता-पिता के नाम, जन्मतिथि और विषयों जैसी प्रमुख जानकारियों की जांच कर सकें। यह सुधार विंडो छात्रों, अभिभावकों और स्कूलों को इन जानकारियों में आवश्यक बदलाव करने का अंतिम अवसर प्रदान करती है।
सीबीएसई ने अभिभावकों को कुछ महत्वपूर्ण सलाह भी दी है -
- छात्र का नाम, जन्मतिथि और माता-पिता के नाम पूरे (संक्षिप्त नहीं) लिखे जाएं।
- उपनाम (surname) अवश्य जोड़ा जाए, खासकर उन छात्रों के लिए जो विदेश में पढ़ाई की योजना बना रहे हैं।
- जन्मतिथि पासपोर्ट पर दर्ज तारीख से मेल खाती हो।
- विषयों का चयन सावधानीपूर्वक किया जाए, क्योंकि सुधार अवधि के बाद कोई बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि 27 अक्तूबर के बाद एलओसी डेटा में सुधार का कोई और मौका नहीं मिलेगा। सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे छात्रों और अभिभावकों को इस शेड्यूल की जानकारी दें और तय समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक बदलाव सुनिश्चित करें।
सीबीएसई ने कहा कि सही डेटा एंट्री बोर्ड परीक्षाओं के सुचारू संचालन और छात्रों के रिकॉर्ड में भविष्य की गड़बड़ियों से बचने के लिए अत्यंत आवश्यक है।