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CBSE: क्या है ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम? 2026 से इसी माध्यम से चेक होंगी 12वीं की बोर्ड परीक्षा की कॉपियां

Tue, 10 Feb 2026 02:29 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

CBSE On-Screen Marking 2026: सीबीएसई बोर्ड 2026 से कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा का कॉपियों की जांच ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से करेगा। डिजिटल मूल्यांकन से गलतियां कम होंगी, जांच तेज होगी और शिक्षक अपने स्कूल से ही कॉपियां चेक कर सकेंगे।
 
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2026 से 12वीं की कॉपियों का होगा डिजिटल मूल्यांकन - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अपनी परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। साल 2026 से सीबीएसई कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियां ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम के जरिए चेक की जाएंगी। इसका मतलब है कि अब कॉपियों की जांच डिजिटल तरीके से कंप्यूटर स्क्रीन पर होगी। हालांकि, बोर्ड ने साफ किया है कि कक्षा 10वीं की उत्तर पुस्तिकाएं अभी भी पुराने तरीके से यानी फिजिकल मोड में ही जांची जाएंगी।

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सीबीएसई हर साल भारत समेत 26 देशों में कक्षा 10वीं और 12वं की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करता है। इन परीक्षाओं में करीब 46 लाख छात्र शामिल होते हैं। इतने बड़े स्तर पर कॉपियों की जांच को आसान, तेज और पारदर्शी बनाने के लिए ही ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम लागू किया जा रहा है।

CBSE Board Exam Date 2026: कब से शुरू होंगी 2026 की बोर्ड परीक्षाएं?

सीबीएसई द्वारा जारी डेटशीट के अनुसार, साल 2026 की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होंगी। कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 11 मार्च को खत्म होंगी, जबकि कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 10 अप्रैल तक चलेंगी। इसी सत्र से कक्षा 12वीं की कॉपियां डिजिटल तरीके से जांची जाएंगी, जो इस बदलाव की शुरुआत मानी जा रही है।

क्या है ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम?

ऑन-स्क्रीन मार्किंग एक डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया है। इसमें छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करके ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जाता है। फिर शिक्षक कंप्यूटर या लैपटॉप पर लॉगिन करके सीधे स्क्रीन पर ही उत्तरों को पढ़ते हैं और अंक देते हैं। इस तरीके से कॉपियों को एक जगह से दूसरी जगह भेजने की जरूरत कम हो जाती है और जांच प्रक्रिया तेज हो जाती है।

सीबीएसई ने 9 फरवरी को जारी अपने सर्कुलर में बताया कि यह सिस्टम मैन्युअल जांच में होने वाली आम गलतियों और देरी को कम करने में मदद करेगा।

यह भी पढ़ें: सही उत्तर लिखने पर भी नहीं मिलेंगे अंक, समझ लें सीबीएसई का नया सेक्शन रूल

ऑन-स्क्रीन मार्किंग के फायदे

बोर्ड ने इस नई प्रणाली के कई फायदे बताए हैं। इसके अनुसार:
  • कुल अंक जोड़ने में होने वाली गलतियां खत्म होंगी।
  • कॉपियों के ट्रांसपोर्ट और मैन्युअल समन्वय की जरूरत कम होगी।
  • शिक्षक अपने स्कूल में रहकर ही कॉपियां चेक कर सकेंगे, उन्हें जांच केंद्रों तक यात्रा नहीं करनी पड़ेगी।
  • मूल्यांकन प्रक्रिया पहले से ज्यादा तेज होगी।
  • ज्यादा शिक्षक एक साथ इस प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे।
  • परिणाम के बाद अंकों की दोबारा जांच (पोस्ट-रिजल्ट वेरिफिकेशन) की जरूरत कम हो जाएगी, जिससे अतिरिक्त स्टाफ की आवश्यकता भी घटेगी।
  • समय और लागत दोनों की बचत होगी।
  • विदेशों में स्थित सीबीएसई से जुड़े स्कूल भी आसानी से मूल्यांकन प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।
  • बोर्ड के मुताबिक यह डिजिटल तरीका पर्यावरण के लिए भी बेहतर है, क्योंकि इसमें कागज और ट्रांसपोर्ट कम होगा।

शिक्षकों और स्कूलों के लिए क्या तैयारी जरूरी?

ऑन-स्क्रीन मार्किंग को सही तरीके से लागू करने के लिए सीबीएसई ने स्कूलों को कुछ जरूरी डिजिटल सुविधाएं तैयार रखने को कहा है। इनमें शामिल हैं:
  • कंप्यूटर लैब जिसमें पब्लिक स्टैटिक आईपी उपलब्ध हो।
  • ऐसे कंप्यूटर या लैपटॉप जिनमें Windows OS 8 या उससे ऊपर का वर्जन हो, कम से कम 4GB रैम और 1GB खाली स्पेस हो।
  • अपडेटेड इंटरनेट ब्राउजर जैसे Chrome, Edge या Firefox।
  • Adobe Reader सॉफ्टवेयर।
  • कम से कम 2 Mbps की स्थिर इंटरनेट स्पीड।
  • बिना रुकावट बिजली सप्लाई।

बोर्ड ने बताया कि ये ज्यादातर सुविधाएं पहले से ही सीबीएसई के अफिलिएशन नियमों का हिस्सा हैं। साथ ही, OASIS ID वाले शिक्षकों को पहले से लॉगिन करके सिस्टम से परिचित होने का मौका दिया जाएगा।

ट्रायल, ट्रेनिंग और तकनीकी सहायता

सीबीएसई ने यह भी कहा है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग को सफल बनाने के लिए कई ड्राई रन आयोजित किए जाएंगे। शिक्षकों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम, निर्देशात्मक वीडियो और तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए कॉल सेंटर भी शुरू किया जाएगा। इससे उम्मीद की जा रही है कि 2026 से शुरू होने वाला यह बदलाव बिना किसी बड़ी परेशानी के लागू हो सके।
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CBSE Board Exam Date 2026: कब से शुरू होंगी 2026 की बोर्ड परीक्षाएं?

सीबीएसई द्वारा जारी डेटशीट के अनुसार, साल 2026 की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होंगी। कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 11 मार्च को खत्म होंगी, जबकि कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 10 अप्रैल तक चलेंगी। इसी सत्र से कक्षा 12वीं की कॉपियां डिजिटल तरीके से जांची जाएंगी, जो इस बदलाव की शुरुआत मानी जा रही है।
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