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CBSE: 10वीं के छात्रों के लिए बड़ा फैसला, बोर्ड ने जारी की तीन भाषा नीति की नई गाइडलाइन; जानें क्या बदलाव हुआ

Mon, 29 Jun 2026 01:42 PM IST
Shahin Praveen पीटीआई, नई दिल्ली

सार

CBSE: सीबीएसई ने नई त्रिभाषा नीति को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि यह बदलाव मौजूदा 10वीं कक्षा के छात्रों पर लागू नहीं होगा। नए नियम केवल आने वाले बैच के लिए प्रभावी होंगे।
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CBSE Third Language Policy New Guideline 2026: - फोटो : अमर उजाला, ग्राफिक
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विस्तार
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CBSE Third Language Policy New Guideline 2026: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर बड़ा बदलाव किया है। बोर्ड की नई गाइडलाइंस के अनुसार मौजूदा 10वीं कक्षा के छात्रों को अब तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी। इस फैसले से लाखों छात्रों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है। आइए समझते हैं नई गाइडलाइंस के बारे में विस्तार से।

CBSE की नई गाइडलाइंस के अनुसार मौजूदा कक्षा 10 के छात्रों पर यह नई त्रिभाषा नीति लागू नहीं होगी। इसके अलावा कक्षा 7, 8 और 9 में पढ़ रहे मौजूदा छात्रों को आगे चलकर कक्षा 10 में तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी। जिन छात्रों ने पहले से दो विदेशी भाषाएं चुनी हैं, वे उन्हें जारी रख सकते हैं, लेकिन उनके साथ एक अतिरिक्त भारतीय भाषा (Native Indian Language) पढ़ना भी जरूरी होगा।

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पॉइंट्स में समझें पूरी गाइडलाइंस

  • CBSE की नई थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी के अनुसार छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, जिनमें से कम से कम दो भाषाएं भारतीय भाषाएं होना जरूरी है। तीसरी भाषा (R3) के रूप में गैर-भारतीय भाषा भी चुनी जा सकती है, लेकिन शर्त यही है कि बाकी दो भाषाएं भारतीय हों।
  • कक्षा 10 (2026-27) के मौजूदा छात्रों के लिए कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्हें तीसरी भाषा की पढ़ाई या बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी और वे पुराने सिस्टम के अनुसार ही पढ़ाई जारी रखेंगे।
  • वहीं कक्षा 9 के सभी छात्रों को तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य होगा। इनमें से कम से कम दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी है, जबकि तीसरी भाषा के रूप में अंग्रेज़ी, फ्रेंच, जर्मन, अरबी या स्पेनिश जैसी गैर-भारतीय भाषा भी चुनी जा सकती है।
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2026-27 से नई गाइडलाइंस लागू होंगी

CBSE का मुख्य उद्देश्य छात्रों को कई भारतीय भाषाओं (Native Indian Languages) में दक्ष बनाना और भाषा सीखने की प्रक्रिया को बढ़ावा देना है, ताकि उनकी शिक्षा संतुलित और समग्र रूप से विकसित हो सके। बोर्ड चाहता है कि भाषा सीखना केवल एक विषय न होकर एक सार्थक, रोचक और ज्ञानवर्धक अनुभव बने, जो छात्रों के सर्वांगीण विकास में मदद करे।

इसके अलावा, सेकेंडरी स्टेज (कक्षा 9 और 10) में तीसरी भाषा (R3) को शामिल करना मिडिल स्टेज (कक्षा 6 से 8) में शुरू हुई भाषा सीखने की प्रक्रिया का ही विस्तार है। इन्हीं उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से CBSE से जुड़े स्कूलों में भाषा नीति को लागू करने के लिए विस्तृत गाइडलाइंस जारी करना आवश्यक माना गया है।

कक्षा 9 के छात्रों के लिए थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी

  • स्थिति 1: अगर आप पहले से दो भारतीय भाषाएं पढ़ रहे हैं (जैसे हिंदी और तमिल), तो आप तीसरी भाषा के रूप में कोई दूसरी भारतीय भाषा या कोई गैर-भारतीय भाषा (जैसे अंग्रेज़ी या फ्रेंच) चुन सकते हैं।
  • स्थिति 2: अगर आप एक भारतीय और एक गैर-भारतीय भाषा पढ़ रहे हैं (जैसे तमिल और अंग्रेज़ी), तो आपको तीसरी भाषा के रूप में कोई भी भारतीय भाषा चुननी होगी।
  • स्थिति 3: अगर आप दो गैर-भारतीय भाषाएं पढ़ रहे हैं (जैसे अंग्रेजी और फ्रेंच), तो 2026-27 के लिए एक विशेष छूट दी जाएगी। आप इन्हें जारी रख सकते हैं, लेकिन आपको तीसरी भाषा के रूप में एक भारतीय भाषा जोड़नी अनिवार्य होगी।
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