केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, सीबीएसई (Central Board of Secondary Education-CBSE) और काउंसिल फॉर इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन, सीआईएससीई (Council for Indian School Certificate Examinations- CISCE) जिसे आईसीएसई बोर्ड भी कहा जाता है, ने महाराष्ट्र सरकार से कहा है कि परीक्षा रद्द करना उनके लिए संभव नहीं है। सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड की शेष परीक्षाएं 1 जुलाई से 15 जुलाई तक पूरे देश में आयोजित होने वाली हैं।
क्या है पूरा मामला-
बता दें कि कोनोवायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने 4 जून को दो राष्ट्रीय बोर्डों से अनुरोध किया था कि वे राज्य में लंबित CBSE, ICSE कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों की परीक्षा को रद्द कर दें। 6 जून को बोर्ड और सरकार के बीच एक बैठक आयोजित की गई, जहां इस मामले पर चर्चा की गई।
महा सरकार ने शनिवार सुबह एक बैठक आयोजित की। उस बैठक में सरकार ने उन्हें राज्य में परीक्षा स्थगित करने या अपने आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर छात्रों को ग्रेड देने के लिए कहा। जवाब में, दोनों बोर्डों ने कहा कि चयनित छात्रों के लिए परीक्षा रद्द करना उचित नहीं होगा।
साथ ही बोर्ड ने सीबीएसई और आईसीएसई, आईएससी के साथ पंजीकृत छात्रों के डेटा को साझा किया है। साझा की गई जानकारी के अनुसार, राज्य में कक्षा 12वीं के लगभग 12,000 सीबीएसई छात्र हैं और लगभग 23,000 आईसीएसई और आईएससी छात्र पंजीकृत हैं। महाराष्ट्र के छात्रों के लिए सीबीएसई कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाएं लंबित नहीं हैं।
दोनों बोर्ड के लिए 1 जुलाई से 15 जुलाई के बीच लंबित परीक्षाएं आयोजित की जानी हैं, डेट शीट पहले ही जारी कर दी गई हैं। सीबीएसई और आईसीएसई दोनों के अधिकारियों ने कहा है कि परीक्षा रद्द करना संभव नहीं है।