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CBSE के बोर्ड परीक्षा के शुल्क बढ़ाने के पीछे ये थी वजह

Fri, 16 Aug 2019 12:06 PM IST
Garima Garg एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने अभी हाल ही में बोर्ड परीक्षाओं की फीस को बढ़ाकर दोगुना कर दिया है। बता दें कि अब 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को सब्सिडाइज नहीं की जा सकता है। दरअसल बात यह है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के अधीन हो जाने से सीबीएसई को जेईई मेन, नीट यूजी और यूजीसी नेट जैसी परीक्षाओं से होने वाली कमाई का नुकसान हुआ है।

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सूत्रों के मुताबिक सीबीएसई का कहना है कि इवेलुएटर के मानदेय में 33 फीसदी का इजाफा हुआ है। और अगर इवेलुएटर्स, सेंटर्स और पेपर-प्रिंटिंग शुल्क की बात की जाए तो वह भी 40 फीसदी बढ़ गए हैं। सीबीएसई का कहना है कि 'नो प्रॉफिट नो लॉस मार्जिन' के कारण ये शुल्क बढ़ाया गया है। इससे पहले शुल्क 5 साल पहलेे बढ़ाया गया था। सीबीएसई के इस फैसले पर कोई उनके साथ नहीं है।

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क्या है मामला

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने वर्तमान शैक्षिक सत्र से छात्रों से ली जाने वाली बोर्ड फीस दोगुनी कर दी है। कक्षा 10 और कक्षा 12 के जो छात्र वर्ष 2020 में बोर्ड परीक्षा देंगे उनसे दोगुनी फीस वसूली जाएगी। पांच विषयों के लिए प्रति छात्र से बोर्ड 1500 रुपये वसूलेगा। जबकि अतिरिक्त विषय के लिए बोर्ड फीस 300 रुपये प्रति छात्र निर्धारित कर दी गई है। विलंब शुल्क में भी दोगुनी बढ़ोतरी की गई है।

वर्तमान में सीबीएसई कक्षा नौ व 11 के छात्रों का ऑनलाइन पंजीकरण और कक्षा 10 और 12 के छात्रों का ऑनलाइन बोर्ड परीक्षा फॉर्म भरवा रहा है। बोर्ड के अनुसार कक्षा 10 के छात्रों के लिए पांच विषयों की फीस प्रति छात्र 1500 रुपये निर्धारित की गई है जो गत वर्ष तक 750 रुपये थी। वहीं अतिरिक्त विषय के लिए प्रति छात्र 300 रुपये फीस की गई है जो गत वर्ष तक 150 रुपये ही थी। कक्षा दस के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित की गई है। इसके बाद बोर्ड विलंब शुल्क 2000 रुपये प्रति छात्र वसूलेगा। गत वर्ष तक यह शुल्क 1,000 रुपये थी।
इंटर के छात्रों को भी पांच विषयों के लिए 1500 रुपये शुल्क देना होगा जो पहले 750 रुपये थी। वहीं अतिरिक्त विषय की फीस भी प्रति छात्र 150 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई है। इंटर में भी विलंब शुल्क 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दी गई है।

प्रयोगात्मक परीक्षा शुल्क में भी बढ़ोतरी
बोर्ड ने इंटर की प्रयोगात्मक परीक्षा के शुल्क में भी बढ़ोतरी कर दी है। गत वर्ष तक बोर्ड प्रति छात्र से प्रति विषय 80 रुपये वसूलता था। इस सत्र से छात्रों को प्रति विषय 150 रुपये देने होंगे। वहीं माईग्रेशन सर्टिफिकेट का शुल्क 350 रुपये निर्धारित किया गया है।

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