केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से जुड़े स्कूलों के विद्यार्थियों को विज्ञान, तकनीक और शिक्षा में हो रहे बदलावों को करीब से समझने का मौका मिलने जा रहा है। बोर्ड ने द्वारका स्थित अपने कार्यालय में एक्सपिरियंस सेंटर तैयार किया है। यहां छात्र नई जानकारी को रोचक और गतिविधियों के जरिए समझ सकेंगे। इस केंद्र का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ विज्ञान, तकनीक और नए विचारों की दुनिया से जोड़ना है। छात्र यहां शिक्षा के पुराने दौर से लेकर आज की डिजिटल कक्षाओं तक के बदलावों के बारे में जान सकेंगे।
एक्सपिरियंस सेंटर में विद्यार्थियों को भारत में शिक्षा के विकास, उभरती तकनीकों, विज्ञान और नए आविष्कारों के बारे में जानकारी मिलेगी। यहां वे यह भी समझ सकेंगे कि आने वाले समय में तकनीक और शिक्षा किस तरह बदल सकती है। इसके साथ ही छात्रों को भविष्य में करियर के नए अवसरों के बारे में जानने का मौका मिलेगा। केंद्र में शिक्षा के प्राचीन इतिहास से लेकर आधुनिक डिजिटल कक्षाओं और भविष्य की तकनीक तक की जानकारी दी जाएगी। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के विषयों को वास्तविक दुनिया से जोड़कर समझने में मदद मिलेगी।
भ्रमण कब से शुरू होगा?
सीबीएसई के अनुसार, शुरुआती चरण में तीन नवंबर से 30 नवंबर तक केवल बोर्ड से जुड़े स्कूलों के विद्यार्थियों को केंद्र में भ्रमण का अवसर मिलेगा। स्कूलों के लिए ऑनलाइन बुकिंग एक नवंबर 2026 से शुरू होगी। स्कूल अपनी सुविधा के अनुसार उपलब्ध तारीख और समय का चयन कर सकेंगे। बोर्ड ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे विद्यार्थियों को इस भ्रमण के लिए प्रोत्साहित करें। इससे छात्रों को कक्षा में पढ़ी जाने वाली बातों को नए तरीके से समझने और विज्ञान तथा तकनीक के प्रति रुचि बढ़ाने का अवसर मिल सकता है।
स्कूल ऑनलाइन बुकिंग कैसे करेंगे?
स्कूल सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट www.cbse.gov.in पर जाकर बुकिंग कर सकेंगे। वेबसाइट पर परीक्षा संगम के स्कूल खंड में सीबीएसई एक्सपिरियंस सेंटर का विकल्प मिलेगा। स्कूल अपने सीबीएसई संबद्धता नंबर और ओसीएस पासवर्ड से लॉग-इन कर सकेंगे। इसके बाद उपलब्ध तारीख और समय का स्लॉट चुनकर भ्रमण की बुकिंग की जा सकेगी। स्कूलों को बुकिंग करते समय उपलब्ध स्लॉट और विद्यार्थियों की संख्या का ध्यान रखना होगा। हर स्लॉट में शिक्षकों सहित अधिकतम 60 लोगों को ही आने की अनुमति होगी।
एक स्लॉट में कितने लोग जा सकेंगे?
सीबीएसई ने प्रत्येक स्लॉट में शिक्षकों सहित अधिकतम 60 लोगों को प्रवेश देने की व्यवस्था की है। इसलिए स्कूलों को भ्रमण की योजना बनाते समय विद्यार्थियों और साथ जाने वाले शिक्षकों की कुल संख्या का ध्यान रखना होगा। शुरुआती चरण में यह सुविधा केवल सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए है। बोर्ड ने स्कूलों से कहा है कि वे छात्रों को इस अवसर का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करें। यह भ्रमण विद्यार्थियों को विज्ञान, तकनीक, शिक्षा और भविष्य के करियर से जुड़ी नई जानकारियां हासिल करने में मदद कर सकता है।