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सीबीएसई का नया अनुभव केंद्र शुरू: शिक्षा मंत्री जोशी ने किया उद्घाटन, छात्रों के लिए इसमें क्या है खास?

Tue, 27 Oct 2026 05:54 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में अनुभव केंद्र शुरू किया है। यहां छात्र विभिन्न प्रदर्शनियों के माध्यम से शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, करियर और पर्यावरण को रोचक गतिविधियों से समझ सकेंगे। परीक्षा के तनाव से निपटने के तरीके भी सीख सकेंगे।
 
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सीबीएसई का नया अनुभव केंद्र शुरू - फोटो : X(@cbseindia29)
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विस्तार
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के अनुभव केंद्र का उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने नई दिल्ली के द्वारका स्थित सीबीएसई मुख्यालय में किया। इस केंद्र का उद्देश्य शिक्षा, ज्ञान और खोज से जुड़े अलग-अलग पहलुओं को रोचक और संवादात्मक तरीके से प्रस्तुत करना है। यहां छात्रों को केवल जानकारी पढ़ने के बजाय गतिविधियों में भाग लेकर विषयों को समझने का अवसर मिलेगा।

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इस केंद्र में शिक्षा के इतिहास से लेकर आधुनिक तकनीक, विज्ञान, करियर और पर्यावरण तक से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य छात्रों की जिज्ञासा बढ़ाना और सीखने की प्रक्रिया को अधिक रोचक बनाना है।

शिक्षा के इतिहास को कैसे समझेंगे छात्र?

इस केंद्र में छात्रों को सबसे पहले ‘शिक्षा की कहानी’ नाम की फिल्म के माध्यम से भारत की शिक्षा व्यवस्था के सफर से परिचित कराया जाएगा। इसमें प्राचीन शिक्षा व्यवस्था से लेकर आधुनिक डिजिटल कक्षाओं तक के विकास को दिखाया जाएगा। छात्र जान सकेंगे कि समय के साथ पढ़ाई के तरीकों में किस तरह बदलाव आया है। इस दौरान उन्हें इन विषयों की जानकारी मिलेगी:

  • प्राचीन गुरुकुल: भारत की पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था की झलक।
  • नालंदा जैसे शिक्षा केंद्र: भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और शिक्षा के इतिहास की जानकारी।
  • आधुनिक डिजिटल कक्षाएं: तकनीक की मदद से पढ़ाई के बदलते तरीके।
  • सीबीएसई का इतिहास: पुरानी तस्वीरों और वर्ष 1935 के अभिलेखों के माध्यम से बोर्ड के इतिहास को जानने का अवसर।

इस तरह छात्र भारतीय शिक्षा व्यवस्था के पुराने स्वरूप और आज के आधुनिक तरीकों के बीच अंतर को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।

करियर के विकल्पों से लेकर परीक्षा के तनाव तक, क्या सीख सकेंगे छात्र?

अनुभव केंद्र में छात्रों को भविष्य की तैयारी में मदद करने वाली कई गतिविधियां भी रखी गई हैं। यहां करियर के अलग-अलग विकल्पों को समझने के साथ अपनी रुचि और संभावनाओं को पहचानने का अवसर मिलेगा। इसके लिए तीन प्रमुख प्रदर्शनियां खास हैं।

  • करियर एक्सप्लोरर: करियर के अलग-अलग विकल्पों को समझने में मदद करेगा।
  • फ्यूचर ऑफ प्रोफेशंस: भविष्य में बदलते पेशों और रोजगार के संभावित अवसरों से परिचित कराएगा।
  • मैजिक मिरर: फ्यूचर यू: छात्रों को अपने भविष्य और संभावित करियर के बारे में सोचने का अवसर देगा।

इन गतिविधियों का उद्देश्य छात्रों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखना, बल्कि उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना भी है।

डॉ. आंबेडकर और डॉ. कलाम के विचारों को कैसे जानेंगे छात्र?

इस केंद्र में तकनीक के माध्यम से महान व्यक्तित्वों के विचारों से जुड़ने का अवसर भी मिलेगा। यहां डॉ. भीमराव आंबेडकर और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के होलोग्राम के माध्यम से उनके विचारों को जानने का अनुभव दिया जाएगा।

होलोग्राम तकनीक की मदद से किसी व्यक्ति की त्रिआयामी जैसी दिखाई देने वाली छवि प्रस्तुत की जाती है। इससे छात्रों के लिए जानकारी को समझना अधिक रोचक हो सकता है। इसके अलावा, केंद्र में आरएफआईडी स्मार्ट कार्ड की सुविधा भी दी जाएगी। इसकी मदद से छात्र अलग-अलग गतिविधियों में भाग ले सकेंगे। इस तरह तकनीक को केवल देखने या सुनने तक सीमित रखने के बजाय सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाएगा।

परीक्षा के तनाव से निपटने में कैसे मिलेगी मदद?

परीक्षा का समय कई छात्रों के लिए तनाव और चिंता का कारण बन सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए अनुभव केंद्र में ‘एग्जाम वॉरियर्स’ से जुड़ा एक विशेष सूचना केंद्र भी रखा गया है। इसके माध्यम से छात्रों को परीक्षा के दौरान तनाव कम करने और आत्मविश्वास बनाए रखने के तरीके बताए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को परीक्षा के दबाव से बेहतर ढंग से निपटने में मदद करना है। साथ ही, उन्हें परीक्षा के समय सकारात्मक सोच बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करना भी है।

जंगल, समुद्र और चंद्रमा का अनुभव कैसे मिलेगा?

अनुभव केंद्र का एक अन्य प्रमुख आकर्षण ‘एडुवर्स’ है। इसके माध्यम से छात्र अलग-अलग प्राकृतिक और भौगोलिक वातावरण का अनुभव कर सकेंगे।

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इसमें जंगल, समुद्र, हिमालय और चंद्रमा जैसे वातावरण को शामिल किया गया है। इस गतिविधि के जरिए छात्रों को पृथ्वी, प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझाने का प्रयास किया जाएगा। वे विभिन्न वातावरणों से जुड़ी जानकारी को अधिक रोचक तरीके से जान सकेंगे। यह अनुभव पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और छात्रों में प्रकृति को समझने की रुचि विकसित करने में मदद कर सकता है।

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