10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में लड़कों को फेल होने का ज्यादा डर लगता है। इसके मुकाबले लड़कियां काफी कम डरती हैं।
सीबीएसई की बोर्ड एग्जाम हेल्पलाइन सेवा में एक फरवरी से अब तक आई फोन कॉल में यह बात सामने आई है। बोर्ड के आंकड़े और सीबीएसई के काउंसलर इस बात की गवाही दे रहे हैं कि लड़कियां अपनी पढ़ाई को लेकर, लड़कों के मुकाबले ज्यादा एकाग्र होती हैं।
सीबीएसई की काउंसलर डॉ. सोना कौशल गुप्ता का कहना है कि इस अंतराल में जितनी कॉल आई, उसमें सबसे कम अभिभावकों की थी। इसके बाद लड़कियों की रही और सबसे ज्यादा कॉल लड़कों की आई। उनका कहना है कि इसके पीछे वजह यह है कि लड़कियां पढ़ाई के प्रति ज्यादा फोकस्ड होती हैं। लड़कियों के पास घर की जिम्मेदारियां भी होती हैं। लड़कों के लिए यह प्रेशर नहीं होते हैं। लिहाजा उनकी एकाग्रता अपेक्षाकृत कम होती है।
डॉ. सोना के मुताबिक, लड़कों की जितनी कॉल आई, उनके पीछे डर की मुख्य वजह यह थी कि सालभर की तैयारी के बजाय वे आखिरी समय में पास होने के लिए पढ़ना ज्यादा पसंद करते हैं। इससे बोर्ड परीक्षा में उनका फेल होने का डर या कम अंक आने का डर बढ़ जाता है। इसके लिए जरूरी है कि सालभर स्कूलों के अलावा माता-पिता भी बेटों की रेगुलर स्टडी पर फोकस रखें।