पैरेंटिंग कैलेडर विकसित करने का उद्देश्य
1. प्रभावी अभिभावक-शिक्षक बातचीत को सुविधाजनक बनाना।
2. किशोरों, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) और प्रारंभिक/मध्य आयु समूहों सहित विविध छात्र आवश्यकताओं का समर्थन करना।
3. महत्वपूर्ण मील के पत्थर (जैसे, परीक्षा परिणाम, व्यवहार परिवर्तन) को संबोधित करने के लिए एक सुसंगत संचार ढांचा स्थापित करना।
4. संरचित जुड़ाव के माध्यम से समय पर समर्थन और हस्तक्षेप प्रदान करना।
आधिकारिक नोटिस में लिखा है, "उभरते शैक्षिक परिदृश्य में स्कूलों और अभिभावकों के बीच बेहतर सहयोग की आवश्यकता महत्वपूर्ण है। इसे प्राप्त करने के लिए, सीबीएसई शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए एक संरचित पेरेंटिंग कैलेंडर विकसित करने का इरादा रखता है।"
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सीबीएसई के अनुसार, इस पेरेंटिंग कैलेंडर का उद्देश्य प्रभावी अभिभावक-शिक्षक बातचीत को सुविधाजनक बनाना है। यह कैलेंडर किशोरों, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (सीडब्ल्यूएसएन) और प्रारंभिक/मध्यम आयु वर्ग सहित विविध छात्र आवश्यकताओं का भी समर्थन करेगा।
अनुराधा जोशी करेंगे समिति का नेतृत्व
इस समिति का नेतृत्व अनुराधा जोशी करेंगी, जो वर्तमान में दिल्ली के सरदार पटेल विद्यालय की प्रिंसिपल के रूप में कार्यरत हैं। समिति में नौ अन्य सदस्य हैं, जो देश भर के स्कूलों में प्रिंसिपल के रूप में कार्यरत हैं।
समिति की जिम्मेदारियों में वर्चुअल या ऑफ़लाइन बैठकों में भाग लेना, निर्णय लेने के लिए संयोजक के साथ सहयोग करना और एक व्यापक पेरेंटिंग कैलेंडर विकसित करना शामिल होगा। समिति की सिफारिशों की समय सीमा 15 मार्च, 2025 है।