छात्रों के सवालों का जवाब दे रहा सीबीएसई
सीबीएसई लगातार छात्रों के सवालों का जवाब अपने आधिकारिक एक्स हैंडल के जरिए दे रहा है। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस बार आधार सत्यापन को अतिरिक्त सुरक्षा उपाय के तौर पर लागू किया गया है।
इसके अलावा बोर्ड ने प्रक्रिया को आसान बनाते हुए छात्रों को एक ही आवेदन में कई सेवाओं के लिए आवेदन करने की सुविधा दी है। अब अलग-अलग प्रक्रिया के लिए अलग आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।
ऐसे करें री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन
छात्र नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकते हैं:
- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट postresult.cbseit.in पर जाएं।
- रोल नंबर या यूजर आईडी की मदद से लॉगिन करें।
- आधार से संबंधित जानकारी दर्ज करके “Sign In” पर क्लिक करें।
- डैशबोर्ड पर “Re-evaluation of Marks” विकल्प चुनें।
- जिन विषयों की उत्तर पुस्तिका उपलब्ध है, उनकी सूची स्क्रीन पर दिखाई देगी।
- संबंधित प्रश्न संख्या, सब-सेक्शन, पेज नंबर, दिए गए अंक, अपेक्षित अंक और री-इवैल्यूएशन का कारण दर्ज करें।
- छात्र एक से अधिक प्रश्नों के लिए भी आवेदन कर सकते हैं।
- “Save and Continue to Preview” पर क्लिक करें।
- सभी जानकारी ध्यान से जांच लें।
- “Freeze and Proceed to Payment” पर क्लिक करें।
- फीस जमा करें और आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।
- आवेदन फॉर्म डाउनलोड करें और स्टेटस ट्रैक करें।
सीबीएसई ने साफ किया है कि एक बार आवेदन फ्रीज होकर भुगतान के लिए सबमिट हो जाने के बाद उसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
फीस संरचना में भी किया बदलाव
सीबीएसई ने पोस्ट-रिजल्ट सेवाओं की फीस में भी बदलाव किया है। नई फीस इस प्रकार है:
- वेरिफिकेशन फीस: 500 रुपये से घटाकर 100 रुपये प्रति विषय
- री-इवैल्यूएशन फीस: 100 रुपये प्रति उत्तर पुस्तिका
- किसी विशेष प्रश्न की दोबारा जांच के लिए: 25 रुपये प्रति प्रश्न
छात्रों के लिए जरूरी सलाह
बोर्ड ने छात्रों को आवेदन करते समय सभी जानकारी सावधानीपूर्वक भरने की सलाह दी है। आवेदन जमा करने से पहले विवरण अच्छी तरह जांच लें, क्योंकि भुगतान के बाद किसी भी प्रकार का संशोधन संभव नहीं होगा।