वायरल सर्कुलर में क्या दावा किया गया था?
सोशल मीडिया पर वायरल कथित सर्कुलर में कहा गया था कि ऑनलाइन सिस्टम में तकनीकी दिक्कतों के कारण री-इवैल्यूएशन और फोटोकॉपी प्रक्रिया बंद की जा रही है। इसमें यह भी दावा किया गया था कि छात्रों द्वारा जमा की गई फीस 15 कार्य दिवसों में वापस कर दी जाएगी और मौजूदा अंक ही अंतिम माने जाएंगे।
हालांकि, सीबीएसई ने इस पूरे दस्तावेज को फर्जी करार दिया है। बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट या बोर्ड के सत्यापित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें।