27 स्कूलों को जारी हुआ था कारण बताओ नोटिस
सीबीएसई बोर्ड ने सितंबर महीने में दिल्ली और राजस्थान के स्कूलों में औचक निरीक्षण किया और इस क्षेत्र के 27 स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। ऐसे स्कूलों को जवाब देने के लिए 30 दिन का समय दिया गया। स्कूलों द्वारा प्रस्तुत जवाबों की समीक्षा करने के बाद, बोर्ड ने 21 स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी, इनमें ज्यादातर स्कूल दिल्ली के थे। इसके साथ ही बोर्ड ने 6 स्कूलों को सीनियर सेकेंडरी से सेकेंडरी स्तर पर डाउनग्रेड कर दिया।
अनियमितता के चलते लिया एक्शन
बोर्ड ने पाया कि स्कूल एडमिशन वापसी, रजिस्टर, एडमिशन फॉर्म, छात्रों की उपस्थिति रजिस्टर, परिचय रोल, सर्विस बुक, छुट्टी रिकॉर्ड का रिकॉर्ड नहीं रख रहे थे। निरीक्षण में यह भी पता चला कि सेक्शन-शिक्षक और शिक्षक-छात्र अनुपात सीबीएसई के मानदंडों के अनुसार नहीं था।
उच्चतर माध्यमिक कक्षाओं में बड़ी संख्या में डमी और गैर-उपस्थित छात्रों, उचित रिकॉर्ड की अनुपलब्धता, छात्र-शिक्षक अनुपात जैसे विभिन्न कारणों से 21 स्कूलों की संबद्धता रद्द की गई है।