गौरांगी चावला - 99.6 प्रतिशत
नंबर - 498
ऋषिकेश के चंद्रेश्वर नगर की रहनेवाली गौरांगी चावला ने ऑल इंडिया सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में 498 अंकों के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया है। जबकि प्रदेश में टॉप किया है।
गौरांगी के पिता अनिल चावला व्यवसायी और मां श्वेता चावला घरेलू महिला हैं। परिवार में दादी दर्शना देवी, बड़ी दीदी अर्पणा चावला भी है। गौरांगी चावला आगे चलकर आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन वह 5 घंटे पढ़ाई करती थी। परीक्षा के दौरान उन्होंने पढ़ाई का समय बढ़ाकर 9 घंटे कर दिया। गौरांगी ने दसवीं की परीक्षा में 95% अंक प्राप्त किए थे।
अंग्रेजी - 99
पॉलीटिकल साइंस - 99
इतिहास - 100
फिजिकल एजुकेशन - 100
जियोग्राफी - 100
ऐश्वर्या - 99.6 प्रतिशत
नंबर - 498
रायबरेली की ऐश्वर्या सिन्हा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व शिक्षकों को दिया। उन्होंने कहा वह आईएएस बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं। उन्होंने अन्य विद्यार्थियों के लिए संदेश दिया कि जो भी कॅरिअर चुनें उसमें पूरे जुनून से काम करें और आपके आसपास जो लोग हैं उनसे सीखते रहें।
बेटी की सफलता पर मां ने कहा, मनोकामना पूरी हुई
ऐश्वर्या की मां ने बेटी की सफलता पर कहा कि आज मेरी मनोकामना पूरी हो गई। वह आईएएस बनना चाहती है। उन्होंने कहा कि हमने परिवार में हमेशा ही बेटियों को सम्मान दिया। यह एक यादगार खुशी है।
पिता बोले, हमेशा ही बेटी को प्रेरित किया
वहीं, एक स्टेशनरी की दुकान चलाने वाले ऐश्वर्या के पिता ने कहा, हमने कभी लड़का-लड़की में भेद नहीं किया। उसे हमेशा ही प्रेरित किया।
भव्या - 99.6 प्रतिशत
नंबर - 498
हरियाणा के जींद जिले की भव्या बता रही हैं कि उन्होंने तैयारी कैसे की कि टॉप कर लिया। सीबीएसई के 12वीं की पर में 500 में से 498 अंक लेकर ऑल इंडिया में सेकेंड टॉप किया है। 10वीं में भी भव्या ने 10 सीजीपीए हासिल किया था।
भव्या एलकेजी क्लास से ही बीआरएसके इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा हैं। पिता विकास भाटिया बुक डीलर्स का कार्य करते हैं। माता रंजू गांव के ही एक निजी स्कूल में अंग्रेजी विषय की अध्यापिका हैं। दादी राधा भी मुख्य अध्यापिका के पद से 2013 में सेवानिवृत हुई थीं।
भव्या के परिवार में दादा-दादी, माता-पिता और एक भाई हार्दिक है, जो बीआरएसके स्कूल में ही 12वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा है। हार्दिक बताते हैं कि शिक्षा के साथ साथ वह खेल के क्षेत्र में भी अपना भविष्य आजमा रही है। वह स्कूल की हर एक्टिविटी में अव्वल रहती है।
हार्दिक ने बताया कि भव्या स्कूल से आने के बाद एक घंटा सोती है, फिर उठ कर हल्का-फुल्का नाश्ता करके अपनी पढ़ाई पर जुट जाती है। भव्या हर रोज सुबह 3:00 या 4:00 बजे उठकर भी अपनी पढ़ाई करती है। बीच में कुछ समय वह खुद को ताजा घटनाक्रमों से अपडेट करने के लिए इंटरनेट को भी देती है।
हार्दिक ने बताया कि भव्या आईएएस अफसर बनना चाहती है। उसने रिजल्ट आने से पहले ही उसने सोच लिया था कि वह यूपीएससी की तैयारी करेगी। अब रिजल्ट अच्छा आने के बाद उसका इरादा और मजबूत हो गया है। बचपन से आज तक उसने कभी ट्यूशन नहीं लिया।
अंग्रेजी - 98
हिन्दी - 100
इतिहास - 100
पॉलिटिकल साइंस - 100
इकोनॉमिक्स - 100