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CBSE Class 12th Toppers: टॉप-2 में रहीं पांचों ने बताए सफलता के मंत्र: हम सोशल मीडिया से दूर रहे

Fri, 03 May 2019 07:33 AM IST
अमर शर्मा एजकुेशन डेस्क

सार

  • 5वें साल भी लड़कियां ही टॉपर
  • 500 में से 499 नंबर लाकर यूपी की दो लड़कियां टॉपर बनीं
  • दूसरे नं. पर 3 लड़कियां, तीसरे पर 18 विद्यार्थी, इनमें 11 लड़कियां
  • इस बार मार्क्सशीट में फोटो भी होगा। मार्क्सशीट डिजी लॉकर में भी जाएगी
  • इस बार 94,299 बच्चों के 90% से ज्यादा नंबर आए हैं, जो 2018 से 21,700 ज्यादा हैं
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सीबीएसई कक्षा 12वीं के टॉपर - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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सीबीएसई ने गुरुवार को 12वीं के नतीजे घोषित कर दिए। 500 में से 499 अंक लाकर यूपी की दो लड़कियां संयुक्त रूप से अव्वल आई हैं। 3 लड़कियां 500 में से 498 अंक लाकर दूसरे नंबर पर हैं। पांचों ने एक बात समान कही कि वे पढ़ाई के दौरान सोशल मीडिया से दूर रहीं। 12.05 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी। इनमें से 83.4% पास हुए हैं। पिछले साल से यह 0.39% ज्यादा है। लड़कों से लड़कियां 9.3% ज्यादा पास हुई हैं। पहली बार परीक्षा खत्म होने के 28 दिन बाद रिजल्ट घोषित हुए। लगातार 5वीं बार लड़कियों ने लड़कों से बाजी मारी है।

इस बार के टॉप-3 रीजन 

  1. त्रिवेंद्रम फिर नंबर-1 
  2. त्रिवेंद्रम 98.20% 
  3. चेन्नई 92.93% 
  4. दिल्ली 91.87%
गाजियाबाद की डीपीएस मेरठ रोड की हंसिका शुक्ला 499 और एसवी पब्लिक स्कूल मुजफ्फरनगर की करिश्मा अरोरा 499 अंकों के साथ टॉपर रही हैं। ऑल इंडिया टॉपर रहीं छात्राएं और अन्य मेधावी छात्राएं सफलता के झंडे गाड़ने के बाद अगले लक्ष्य की तैयारी में जुट गई हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी के नामी कॉलेजों और आईआईटी से बीटेक की डिग्री हासिल करने के बाद टॉपर्स का अंतिम लक्ष्य सिविल सर्विसेज परीक्षा पास कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में जाना है। जबकि एक मेधावी क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट बनना चाहती हैं। खास बात यह है कि ट्यूशंस की बजाय सेल्फ स्टडी पर इन्होंने ज्यादा भरोसा किया। आइए जानते हैं इसकी सफलता का मंत्र क्या था। 

हंसिका शुक्ला - 99.8 प्रतिशत

कुल नंबर - 499
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लक्ष्य : आईएफएस अफसर बनना चाहती हैं

गाजियाबाद की डीपीएस मेरठ रोड की हंसिका शुक्ला ह्युमैनिटीज की छात्रा हैं। हंसिका शुक्ला ने बताया कि वह साइकोलाजी आनर्स से पढ़ाई करना चाहती हैं और आगे चलकर आईएफएस अफसर बनना चाहती हैं। उनकी मां डॉ मीना शुक्ला गाजियाबाद के सरकार स्कूल में अध्यापिका हैं। हंसिका अपनी मां से काफी प्रभावित हैं। उनके पिता डॉक्टर साकेत कुमार राज्यसभा में सेक्रेटरी पद पर तैनात हैं। हंसिका ने बताया कि उनके पापा तो ज्यादा सख्त नहीं हैं लेकिन उनकी मां काफी सख्त मिजाज की हैं।

हंसिका हमेशा पढ़ाई में फोकस रहने के साथ एक्स्ट्रा कैरीकुलम गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थी। हंसिका संगीत की शौकीन हैं और यही वजह है कि उन्होंने 12वीं में म्यूजिक को चुना। हंसिका ने बताया कि वह नियम से पढ़ाई नहीं करती थीं जिसका उन्हें खेद है। लेकिन उन्होंने खुद से बिना किसी कोचिंग के ये मुकाम हासिल किया। उनका कहना है कि हर सब्जेक्ट पर ध्यान देती थीं। सभी पर बराबर समय देती थीं। उन्हें अंग्रेजी विषय छोड़कर हर विषय में 100 अंक मिले हैं। 
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अंग्रेजी - 99 
पॉलिटिकल साइंस - 100 
इतिहास - 100 
साइकोलॉजी - 100 
म्यूजिक - 100
 

करिश्मा अरोड़ा - 99.8 प्रतिशत

कुल नंबर - 499

लक्ष्य:- डांस थेरेपिस्ट और साइकोलॉजिस्ट बनना

मुजफ्फरनगर एसडी पब्लिक स्कूल की छात्रा करिश्मा अरोड़ा ने सीबीएसई इंटरमीडिएट में 499 अंक हासिल करके टॉपर बनने का गौरव हासिल किया है। करिश्मा के पिता मनोज कुमार औरोरा जैविक खाद बनाने का कारोबार करते हैं, जबकि मां मोनिका अरोरा ग्रहणी है। उसकी बड़ी बहन भूमिका अरोरा बीकॉम गार्गी दिल्ली कॉलेज की छात्रा है।

करिश्मा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिजनों और स्कूल की प्रधानाचार्य चंचल सक्सेना को दिया। करिश्मा ने बताया कि लक्ष्य निर्धारित कर कठिन परिश्रम कर उसने यह सफलता अर्जित की है। वह अच्छी डांसर बनने के साथ समाज सेविका बनना चाहती है। उसने रोजाना आठ घंटे पढ़ाई की। 

करिश्मा का सपना डांस थैरेपिस्ट बनना है। वह बीते 7 साल से दिल्ली की कत्थक गुरु गीतांजलि लाल से कत्थक और अन्य डांस का प्रशिक्षण ले रही है। शहर की एटूजेड कॉलोनी निवासी करिश्मा होली एंजल स्कूल से हाई स्कूल में भी टॉप किया था। 

अंग्रेजी- 100
गृह विज्ञान-100
फाइन आर्ट-100
अर्थशास्त्र-99
मनोविज्ञान-100

गौरांगी चावला - 99.6 प्रतिशत

नंबर - 498

ऋषिकेश के चंद्रेश्वर नगर की रहनेवाली गौरांगी चावला ने ऑल इंडिया सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में 498 अंकों के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया है। जबकि प्रदेश में टॉप किया है। 

गौरांगी के पिता अनिल चावला व्यवसायी और मां श्वेता चावला घरेलू महिला हैं। परिवार में दादी दर्शना देवी, बड़ी दीदी अर्पणा चावला भी है। गौरांगी चावला आगे चलकर आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन वह 5 घंटे पढ़ाई करती थी। परीक्षा के दौरान उन्होंने पढ़ाई का समय बढ़ाकर 9 घंटे कर दिया। गौरांगी ने दसवीं की परीक्षा में 95% अंक प्राप्त किए थे। 

अंग्रेजी - 99 
पॉलीटिकल साइंस - 99 
इतिहास - 100 
फिजिकल एजुकेशन - 100 
जियोग्राफी - 100
 

ऐश्वर्या - 99.6 प्रतिशत

नंबर - 498


रायबरेली की ऐश्वर्या सिन्हा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व शिक्षकों को दिया। उन्होंने कहा वह आईएएस बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं। उन्होंने अन्य विद्यार्थियों के लिए संदेश दिया कि जो भी कॅरिअर चुनें उसमें पूरे जुनून से काम करें और आपके आसपास जो लोग हैं उनसे सीखते रहें।

बेटी की सफलता पर मां ने कहा, मनोकामना पूरी हुई
ऐश्वर्या की मां ने बेटी की सफलता पर कहा कि आज मेरी मनोकामना पूरी हो गई। वह आईएएस बनना चाहती है। उन्होंने कहा कि हमने परिवार में हमेशा ही बेटियों को सम्मान दिया। यह एक यादगार खुशी है।

पिता बोले, हमेशा ही बेटी को प्रेरित किया
वहीं, एक स्टेशनरी की दुकान चलाने वाले ऐश्वर्या के पिता ने कहा, हमने कभी लड़का-लड़की में भेद नहीं किया। उसे हमेशा ही प्रेरित किया।


भव्या - 99.6 प्रतिशत

नंबर - 498

हरियाणा के जींद जिले की भव्या बता रही हैं कि उन्होंने तैयारी कैसे की कि टॉप कर लिया। सीबीएसई के 12वीं की पर में 500 में से 498 अंक लेकर ऑल इंडिया में सेकेंड टॉप किया है। 10वीं में भी भव्या ने 10 सीजीपीए हासिल किया था।

भव्या एलकेजी क्लास से ही बीआरएसके इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा हैं। पिता विकास भाटिया बुक डीलर्स का कार्य करते हैं। माता रंजू गांव के ही एक निजी स्कूल में अंग्रेजी विषय की अध्यापिका हैं। दादी राधा भी मुख्य अध्यापिका के पद से 2013 में सेवानिवृत हुई थीं।

भव्या के परिवार में दादा-दादी, माता-पिता और एक भाई हार्दिक है, जो बीआरएसके स्कूल में ही 12वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा है। हार्दिक बताते हैं कि शिक्षा के साथ साथ वह खेल के क्षेत्र में भी अपना भविष्य आजमा रही है। वह स्कूल की हर एक्टिविटी में अव्वल रहती है।

हार्दिक ने बताया कि भव्या स्कूल से आने के बाद एक घंटा सोती है, फिर उठ कर हल्का-फुल्का नाश्ता करके अपनी पढ़ाई पर जुट जाती है। भव्या हर रोज सुबह 3:00 या 4:00 बजे उठकर भी अपनी पढ़ाई करती है। बीच में कुछ समय वह खुद को ताजा घटनाक्रमों से अपडेट करने के लिए इंटरनेट को भी देती है।

हार्दिक ने बताया कि भव्या आईएएस अफसर बनना चाहती है। उसने रिजल्ट आने से पहले ही उसने सोच लिया था कि वह यूपीएससी की तैयारी करेगी। अब रिजल्ट अच्छा आने के बाद उसका इरादा और मजबूत हो गया है। बचपन से आज तक उसने कभी ट्यूशन नहीं लिया।

अंग्रेजी - 98 
हिन्दी - 100 
इतिहास - 100 
पॉलिटिकल साइंस - 100 
इकोनॉमिक्स - 100 

वंशिका भगत - 99.4 प्रतिशत

कुल नंबर - 497

मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित एमपीएस गर्ल स्कूल की छात्रा वंशिका भगत ने 497 अंक हासिल किए। शास्त्रीनगर के प्रीत विहार कॉलोनी निवासी वंशिका ने हयूमैनिटिज़ में टॉप किया। उन्होंने बताया कि वह देर रात तक पढ़ाई करती थी। वही, उन्हें इतिहास और पोलेटिकल विज्ञान पसंद है। 

सबसे खास बात यह है कि वंशिका ने "मदर्स एट 19" उपन्यास लिखा हुआ है। जो कि अमेज़न पर उपलब्ध है

उनके पिता वीरेंद्र कुमार भगत एनएएस इंटर कॉलेज में शिक्षक है और माता सीमा गौतम भगत मेरठ के नंगली किठौर में प्रधान अध्यापिका है। बड़ा भाई आर्यन भगत आईआईटी गोवा में द्वितीय वर्ष का छात्र है। उन्हें प्रियंका गांधी और शशि थरूर पसंद है। इसके बाद वंशिका दिल्ली के लेडी श्री राम कॉलेज से बीए ऑनर्स पोलिटिकल विज्ञान में करना चाहती है। वह सिर्फ वाटस एप उपयोग करती है।

अंग्रेजी - 97
इतिहास - 100
पोलिटिकल विज्ञान - 100
म्यूजिक - 100
फाइन आर्ट - 100
 

अनन्या गोयल - 99.4 प्रतिशत

कुल नंबर - 497

मेरठ के जाग्रति विहार  स्थित केएल इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा अनन्या गोयल ने साइंस स्ट्रीम में 497 अंक हासिल किए। अनन्या ने बताया कि वह सुबह 4 बजे उठ जाती थी। और उस समय ध्यान से पढती थी। सबसे अधिक अनन्या ने न्यूमेरिकल पर ध्यान दिया। वही, एनसीईआरटी, मैथ्स की आरडी और सीबीएसई के सेम्पल पेपर को भी सॉल्व किया। वही, पीसीएम की पढ़ाई के लिए ट्यूशन की भी सहायता ली।

सबसे खास बात यह है कि पीसीएम से 12वी करने के बाद वह लॉ करना चाहती है। अनन्या का सपना जज बनने का है।

वह क्लेट की परीक्षा देने के लिए तैयार है। अगर इसमें सफल नही हो पाती है तो फिर स्टीफन कॉलेज से लॉ करेंगी।

अनन्या के पिता सुधीर कुमार गोयल बिज़नेसमैन है। और माता सोनिया गोयल गृहणी है। वही, एक बहन मान्या गोयल केएल इंटरनॅशनल पब्लिक स्कूल में ही 9वी कक्षा में है। अनन्या को डांस करना अच्छा लगता है।
 

दिव्या अग्रवाल - 99.4 प्रतिशत

कुल नंबर - 497

मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित एमपीएस गर्ल स्कूल की छात्रा दिव्या अग्रवाल ने 497 अंक हासिल किए। शास्त्रीनगर के जागृति विहार कॉलोनी निवासी दिव्या ने हुएमैनिटीज में टॉप किया। दिव्या ने कहा कि कभी उसने पढ़ने का समय काउंट नही किया। उसने बताया कि मुझे गाने सुनना और मौज मस्ती करना पसंद है। वही, दिव्या सिर्फ वाट्स एप उपयोग करती है। हाल ही में उसने इंस्टाग्राम पर अपना एकाउंट बनाया है। 

सबसे खास बात यह है कि उन्होंने खुद से पढ़ाई की और सेम्पल पेपर से तैयारी की। दिव्या बांके बिहारी की दीवानी है। वह उन्ही की पूजा भी करती है। 

दिव्या के पिता संजीव अग्रवाल मेरठ के एमपीएस मेन विंग के प्रधानाचार्य है। वही माता अर्चना गृहणी है। उनका एक भाई विशेष कांत अजय कुमार गर्ग कॉलेज से एमसीए कर रहा है। दिव्या ने बताया वह आगे बीबीए और एमबीए करना चाहती है।

अंग्रेज़ी - 99
इतिहास - 100
पेंटिंग - 99
पोलिटिकल विज्ञान - 99
फैशन स्टडीज़ - 100
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अर्पित माहेश्वरी - 99.4 प्रतिशत

नंबर - 497 

स्ट्रीम: साइंस (पीसीएम)
लक्ष्य : पहले सॉफ्टवेयर इंजीनियर उसके बाद आईएएस बनना

डीपीएसजी मेरठ रोड के साइंस पीसीएम के छात्र अर्पित माहेश्वरी ने 99.4 फीसदी अंक हासिल कर देश में गाजियाबाद का मान बढ़ाया। 12वीं से पहले अर्पित ने जेईई मेन में ऑल इंडिया 601वीं रैंक हासिल करने के साथ किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना (केवीपीवाई), नेशनल टैलेंट सर्च एग्जाम (एनटीएसई) उत्तीर्ण करने के साथ नेशनल स्टैंडर्ड एग्जामिनेशन ओलंपियाड (केमिस्ट्री व एस्ट्रॉनॉमी) में सफलता हासिल की। 

जेईई एडवांस की तैयारी में लगे अर्पित की लक्ष्य आईआईटी दिल्ली से पहले कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करने की है। एक सफल सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के साथ उनका लक्ष्य सिविल सर्विसेज परीक्षा उत्तीर्ण करना है। अर्पित के पिता यूपी पावर कारपोरेशन में जेई अतुल माहेश्वरी और मां रितु माहेश्वरी के अर्पित की उपलब्धि पर खुशी का ठिकाना नहीं रहा। छोटी बहन ऐंजल ने खुश नजर आईं। 

अर्पित ने 12वीं एग्जाम के लिए तो कोई कोचिंग नहीं ली, लेकिन जेईई एडवांस की तैयारी के लिए एक निजी कोचिंग को ज्वाइन किया है। आईआईटी के मिशन के चलते उन्होंने सोशल साइट्स व मोबाइल से दूरी बनाई हुई है। केवल विषय के टॉपिक को हल करने के लिए मोबाइल की मदद लेते हैं। 

अर्पित को बास्केटबॉल खेलना, क्रिकेट देखना और न्यूज पेपर पढ़ना पसंद है। डा. कलाम व सचिन तेंदुलेकर की ऑटोबायोग्राफी उनकी फेवरिट है। अंग्रेजी विषय को लेकर अर्पित केवल थोड़े सजग दिखाई दिए। अर्पित ने बताया कि रोजाना सात से आठ घंटे पढ़ाई और साप्ताहिक कुछ चुनिंदा टॉपिक्स उनकी पढ़ाई के केंद्र रहते थे। टेंशन दूर करने के लिए सुबह ध्यान और घर का खाना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। 

10वीं में उन्होंने 10 सीजीपीए ग्रेडिंग प्वॉइंट हासिल किए। नर्सरी से 12वीं तक डीपीएसजी से ही पढ़ाई की। मूलरूप से मोदीनगर का रहने वाले अर्पित का परिवार 2005 में गाजियाबाद शिफ्ट हुआ। अर्पित ने टेंशन नहीं लेने और रिजल्ट की चिंता किए बगैर नियमित पढ़ाई को सफलता का आधार बताया।

गणित - 100 
केमिस्ट्री - 99 
फिजिक्स - 100 
अंग्रेजी - 98 
जियो स्पेशियन टेक्नोलॉजी - 100
 

ऐशना जैन - 99.4 प्रतिशत

नंबर - 497 

स्ट्रीम: ह्यूमेनिटिज
लक्ष्य: क्लीनिकल साइकॉलोजिस्ट बनना चाहती है ऐशना

सेठ आनंदराम जयपुरिया की ही छात्रा ऐशना जैन ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने भी 497 अंक हासिल किए हैं। उनका सपना क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट बनने का है। वह दिल्ली के लेडी श्री राम कॉलेज में साइकोलॉजी ऑनर्स में एडमिशन लेंगी। 

उन्होंने बताया कि वह रात भर पढ़ती थीं और सुबह पांच बजे सोती और फिर आठ बजे उठकर पढ़ाई शुरू करती थीं। दिन में एक या दो घंटे सोकर रिलेक्स करतीं। उन्होंने एग्जाम की तैयारी के लिए ट्यूशन नहीं लिया। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया से पूरी तरह से दूरी बनाई रखी। वह तनाव को दूर करने के लिए कोरियन बैंड एक्सो को सुनती थीं। 

वह इंदिरापुरम की निराला ईडन गार्डन सोसायटी में रहती हैं। पिता अनिल जैन एलआईसी में अधिशासी अभियंता हैं। मां स्वाति जैन वसुंधरा के आधारशिला पब्लिक स्कूल में शिक्षिका हैं। जिन्होंने हर कदम पर उनका पूरा सहयोग किया। शिक्षकों ने भी उनका पूरा मार्ग दर्शन किया। जब भी वह किसी सवाल पर फंसती तो उनकी मां और शिक्षक उनकी मदद करतीं।। उनकी बड़ी बहन मान्या आर्किटेक्ट हैं।

अंग्रेजी - 99 
राजनीति विज्ञान - 99 
इतिहास - 100 
अर्थशास्त्र - 100 
मनोविज्ञान- 99
 

प्रज्ञा खर्कवाल - 99.4 प्रतिशत

नंबर - 497 

स्ट्रीम- ह्यूमेनिटिज
लक्ष्य : आईएएस ऑफिसर बनना चाहती हैं प्रज्ञा

सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा प्रज्ञा खर्कवाल ने सीबीएसई 12वीं नतीजों में देश भर में संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया है। उन्होंने 497 अंक हासिल किए हैं। वह आईएएस ऑफिसर बनना चाहती हैं। वसुंधरा सेक्टर-5 निवासी प्रज्ञा ह्यूमेनिटिज की छात्रा हैं। उन्होंने बताया कि वह पॉलिटिकल ऑनर्स या फिर इकॉनोमिक्स ऑनर्स में एडमिशन लेंगी। इसके साथ ही सिविल सर्विसेज की तैयारी करेंगी। 

उन्होंने बताया कि वह अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता पिता को देती हैं। उनके पिता मुकेश चंद्र खर्कवाल जीएसटी कार्यालय में सुपरिटेंडेंट के पद पर कार्यरत हैं। जबकि मां चंद्रा वसुंधरा के महाराजा अग्रसेन पब्लिक स्कूल में शिक्षिका हैं। उन्होंने बताया कि उनके शिक्षक ने भी उन्हें हर समय मार्ग दर्शन दिया जिसकी बदौलत उन्होंने इस मुकाम को हासिल किया। 

दिन रात पढ़ाई की। 10 वर्षों के पुराने प्रश्न पत्रों को हल किया। साथ ही सैंपल पेपर की मदद ली। लगातार चार घंटे पढ़ाई के बाद वह कुछ समय रिलेक्स करती थीं। तनाव को कम करने के लिए बैडमिंटन खेलती थीं और किताबें पढ़ती थीं। दो महीने अपना पूरा रूटीन बदल दिया। वह सोशल मीडिया से पूरी तरह से दूरी बनाई। 

मां ने उनके खानपान का पूरा ध्यान रखा। समय समय पर उनके लिए पौष्टिक मील तैयार की।

अंग्रेजी - 99 
राजनीति विज्ञान - 100 
इतिहास - 99 
अर्थशास्त्र - 99 
कला - 100
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