गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में 12वीं बोर्ड परीक्षा रद्द करने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बारहवीं के परिणाम तैयार करने के लिए मूल्यांकन नीति बताई। इसके तहत 12वीं के नतीजें तैयार करने के लिए कक्षा ग्यारहवीं और दसवीं के अंकों को आधार बनाया जाएगा। यानी 10वीं के परिणाम का 30 फीसदी, 11वीं के परिणाम का 30 फीसदी और 12वीं प्री-बोर्ड या यूनिट टेस्ट का 40 फीसदी जोड़कर परिणाम तैयार किए जाएंगे।
अभी तक विद्यार्थी कक्षा ग्यारहवीं के अंकों को महत्वपूर्ण नहीं समझते थे। लेकिन मूल्यांकन नीति घोषित होने के बाद से ही विद्यार्थियों को कक्षा ग्यारहवीं के अंकों की अहमियत समझ आ गई। जिसके बाद से ही सोशल मीडिया पर काफी मीम्स साझा कर रहे हैं। कुछ में वो अपना दुख प्रकट कर रहे हैं ताे कुछ में ग्यारहवीं को गंभीरता से न लेने वालों का मजाक उड़ा रहे हैं।