उन्होंने आगे कहा कि कोरोना के मामलों में गिरावट आने के बाद परीक्षाओं को आयोजन किया जा सकता है। विशेषज्ञों की राय लेने के बाद परीक्षाओं की तारीखों का एलान कर देना चाहिए। ताकि विद्यार्थियों को तैयारी का समय मिल सके। असमंजस की स्थिति होने की वजह से विद्यार्थी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहे हैं।
राज्य शिक्षा मंत्री का कहना है कि बिहार बोर्ड ने विद्यार्थियों को प्रश्न पत्र में दिए जाने वाले विकल्पों की संख्या बढ़ा दी थी। पूरे सिलेबस से सवाल पूछे गए थे, किंतु उत्तर केवल आधे प्रश्नों का ही देने के निर्देश दिए गए थे। ऑनलाइन परीक्षा का भी विकल्प है। बिहार बोर्ड की इसी सतर्कता और मुस्तैदी के कारण राज्य में समय पर परीक्षाओं का आयोजन किया जा सका। सीबीएसई ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करने के विकल्प पर भी विचार कर सकती है।