अतिरिक्त विषयों के लिए स्कूल को अनुमति लेना जरूरी
कक्षा 10 और 12 में छात्रों को अतिरिक्त विषय चुनने का विकल्प दिया जाएगा। आधिकारिक बयान के अनुसार, "कक्षा 10 में छात्र अनिवार्य 5 विषयों के अलावा 2 अतिरिक्त विषय चुन सकते हैं, जबकि कक्षा 12 में केवल 1 अतिरिक्त विषय लिया जा सकता है। अतिरिक्त विषय चुनने वाले छात्र इसे दो साल तक पढ़ेंगे।"
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी स्कूल ने किसी विषय को पढ़ाने की अनुमति CBSE से नहीं ली है और उनके पास शिक्षक, लैब या अन्य सुविधाएं नहीं हैं, तो छात्रों को वह विषय मुख्य या अतिरिक्त विषय के रूप में नहीं दिया जाएगा।
बोर्ड ने कहा, "अगर कोई नियमित छात्र पहले वर्षों में अतिरिक्त विषय ले चुका है और उसे 'Compartment' या 'Essential Repeat' श्रेणी में रखा गया है, तो वह कंपार्टमेंट या Essential Repeat श्रेणी में निजी उम्मीदवार के रूप में परीक्षा दे सकता है।"
बोर्ड ने साफ किया कि ऊपर बताए गए नियमों को पूरा न करने वाले किसी भी छात्र को बोर्ड परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बयान में यह भी बताया गया कि शिक्षा मंत्रालय के तहत दो राष्ट्रीय स्कूल बोर्ड हैं। CBSE आमने-सामने शिक्षा प्रदान करता है, जबकि NIOS शिक्षा ओपन और डिस्टेंस मोड के जरिए देता है।