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Career: पावर स्किल्स सफलता के लिए क्यों जरूरी? नौकरी या काम तक सीमित नहीं, हर भूमिका में साबित होती है कारगर

Tue, 22 Jul 2025 01:32 PM IST
शिवम गर्ग सैंड्रा सोजोबर्ग, डीन, डब्ल्यूजीयू स्कूल ऑफ बिजनेस (यूएस)

सार

Success Mantra: आज के तेजी से बदलते करियर वर्कप्लेस में केवल तकनीकी ज्ञान या डिग्री काफी नहीं है। असली सफलता के लिए जरूरी हैं 'पावर स्किल्स' (जैसे नेतृत्व, सहानुभूति, अनुकूलनशीलता और टीमवर्क) जो किसी भी भूमिका, प्रोजेक्ट या इंडस्ट्री में आपको दूसरों से अलग बनाते हैं।
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Career, Skills Career, Power Skills - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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Power Skills in Career: जटिल हालात में नेतृत्व करते और कठिन फैसले लेते हुए लोगों तथा काम को प्राथमिकता देना कोई आसाम काम नहीं होता। ऐसे में, आज के उद्योग और नेतृत्व की दुनिया में सिर्फ ज्ञान या मुनाफा कमाने से बात नहीं बनेगी, बल्कि इससे परे जाकर सोचने की जरूरत है। अगर आप एक आंत्रप्रेन्योर या पेशेवर हैं, तो सिर्फ ज्ञान को ही अपनी सीमा मत बनाइए। 

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इसके साथ-साथ आपके पास भावनात्मक समझ, नैतिक सोच और इन्सानों के साथ जुड़कर काम करने की कला जैसे पावर स्किल्स का होना भी जरूरी है। इन्हें आम तौर पर सॉफ्ट स्किल्स या पीपल स्किल्स भी कहा जाता है। ये खूबियां आपको टीम, संगठन और कॅरिअर में नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।

पावर स्किल्स क्यों हैं जरूरी

पावर स्किल्स की खास बात यह है कि ये केवल एक नौकरी या प्रोजेक्ट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हर भूमिका, प्रोजेक्ट और इंडस्ट्री में कारगर साबित होते हैं। इसका प्रमाण 1918 में कार्नेगी फाउंडेशन के ए स्टडी ऑफ इंजीनियरिंग एजुकेशन रिपोर्ट में भी मिलता है। इसमें यह बताया गया है कि इंजीनियरिंग के क्षेत्र से जुड़े किसी पेशेवर की सफलता में 85 फीसदी योगदान उनके व्यक्तित्व और संवाद से जुड़े कौशल का होता है, जबकि महज 15 प्रतिशत योगदान तकनीकी ज्ञान या हार्ड स्किल्स का। 

यही कारण है कि आजकल हर नियोक्ता चाहता है कि उसके पास मजबूत ‘पावर स्किल्स’ वाले पेशेवर हों, ताकि कंपनी को लाभ हो सके।

सिर्फ बदलाव को ही न स्वीकारें

सबसे पहला पावर स्किल है अनुकूलनशीलता, जिसका अर्थ सिर्फ बदलाव को स्वीकार करना नहीं, बल्कि बदलती परिस्थितियों में तुरंत और सही ढंग से सोचना, महसूस करना और काम करना है। आज के युवाओं के लिए यह इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि आज हर संगठन को समस्या सुलझाने, नए बाजार या तकनीकी बदलावों से जूझने के लिए तैयार रहना ही पड़ता है। जिन पेशेवरों में यह गुण होता है, वे बदलावों का बेहतर तरीके से सामना कर पाते हैं और एआई जैसी तकनीकी क्रांतियों के साथ खुद को तेजी से ढाल लेते हैं।
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जमीनी हकीकत को भी समझें

दूसरों की भावनाओं, उनकी सोच और जरूरतों को समझना और उसका आदर करना दूसरा महत्वपूर्ण पावर स्किल है, जो सहानुभूति कहलाता है। सहानुभूति रखने वाले पेशेवर सिर्फ डाटा या टारगेट के हिसाब से फैसले नहीं लेते, बल्कि टीम के लोगों की भावनाओं और जमीनी हकीकत को भी समझते हैं। इससे टीम का भरोसा बढ़ता है, रिश्ते मजबूत होते हैं और ऑफिस का माहौल सकारात्मक बनता है।

हरेक की सोच का सम्मान

तीसरे सबसे जरूरी पावर स्किल समावेशिता का मतलब है हर किसी की बात सुनना, विविध टीमों के साथ मिलकर काम करना और सबको बराबरी का मौका देना। जो लीडर अपनी टीम में खुलकर बातचीत करने और टीमवर्क का माहौल बनाते हैं, वहां नए विचार ज्यादा आते हैं, तेजी से बदलाव होता है और सही फैसले लिए जाते हैं। अलग-अलग सोच वाले लोगों से टीम में नवाचार की भावना और कार्यक्षमता, दोनों बढ़ती है। - द कन्वर्सेशन 
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