फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: वाराणसी में छात्रों को मिलेगा तमिल सीखने का मौका, स्कूलों-कॉलेजों में शुरू हो सकती हैं नियमित कक्षाएं

Sun, 11 Jan 2026 04:24 PM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

UP Govt: उत्तर प्रदेश सरकार सांस्कृतिक और भाषाई आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वाराणसी के स्कूलों और कॉलेजों में नियमित तमिल भाषा की कक्षाएं शुरू करने की तैयारी कर रही है। 
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Tamil language: अधिकारियों के अनुसार, सांस्कृतिक और भाषाई आदान-प्रदान को मजबूत करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित स्कूलों और कॉलेजों में नियमित रूप से तमिल भाषा की कक्षाएं शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। इससे छात्रों को दक्षिण भारतीय संस्कृति और तमिल भाषा को समझने का अवसर मिलेगा।

विज्ञापन


यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काशी तमिल संगमम के विजन के अनुरूप है। प्रधानमंत्री ने 28 दिसंबर को अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में गवर्नमेंट क्वींस कॉलेज की छात्रा पायल पटेल का जिक्र किया, जिन्होंने कम समय में तमिल भाषा सीख ली।

प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, गवर्नमेंट क्वींस कॉलेज प्रतिदिन शाम को तमिल कक्षाएं शुरू करने की योजना बना रहा है। कॉलेज के प्रधानाध्यापक सुमित कुमार ने बताया कि जिला विद्यालय निरीक्षक ने संस्थान को कक्षाएं चलाने का निर्देश दिया है।

विज्ञापन

50 शिक्षकों को भेजा जा सकता तमिलनाडु

अधिकारियों ने बताया कि इस पहल के तहत वाराणसी से लगभग 50 शिक्षकों को तमिलनाडु में हिंदी पढ़ाने के लिए भेजा जा सकता है।

प्रधानाचार्य कुमार ने कहा, "प्रधानमंत्री के सांस्कृतिक एकीकरण के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए, महाविद्यालय में तमिल कक्षाएं शुरू की जाएंगी।"

उन्होंने बताया कि तमिलनाडु की संध्या कुमार साईं से बातचीत हुई है, जिन्होंने पहले इस छात्रा को तमिल पढ़ाया था, और उन्होंने ऑनलाइन कक्षाएं लेने पर सहमति जताई है। कुमार ने आगे बताया कि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के तमिल विभाग के प्रमुख ने भी सहयोग का आश्वासन दिया है।

अधिकारियों के अनुसार, वाराणसी से 50 शिक्षकों को तमिलनाडु में हिंदी पढ़ाने के लिए भेजने की भी तैयारी चल रही है। इस प्रस्ताव पर वाराणसी आयुक्त और जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में हुई बैठकों में चर्चा की गई है।
विज्ञापन

सांस्कृतिक कार्यक्रमों से मजबूत हो रहा काशी-तमिल संबंध

कुमार ने आगे बताया कि कॉलेज के छात्रों ने हाल ही में काशी-तमिल सांस्कृतिक एकता को प्रदर्शित करने वाले एक कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को तमिल में नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम का नेतृत्व पायल पटेल ने किया और इसमें तमिल संगीत पर रंगोली और नृत्य प्रस्तुतियां शामिल थीं।

हरीश चंद्र गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रिंसिपल प्रियंका तिवारी ने बताया कि काशी तमिल संगम के दौरान उनके संस्थान में 15 दिवसीय तमिल भाषा कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 50 छात्राओं ने भाग लिया। छात्राओं ने बाद में कविताओं और गीतों के माध्यम से अपने ज्ञान को प्रस्तुत किया।

शिक्षा और संस्कृति के जरिए राष्ट्रीय एकता को मजबूती

उन्होंने आगे कहा कि भाषा सीखने के प्रति छात्राओं के उत्साह को देखते हुए, कॉलेज अगले शैक्षणिक सत्र से एक औपचारिक तमिल पाठ्यक्रम शुरू करने पर विचार कर रहा है।

काशी तमिल संगम एक सांस्कृतिक आदान-प्रदान पहल है जिसका उद्देश्य काशी और तमिलनाडु के बीच सदियों पुराने सभ्यतागत, सांस्कृतिक और शैक्षिक संबंधों को उजागर करना है।

यह कार्यक्रम तमिलनाडु के छात्रों, विद्वानों, शिक्षकों और कलाकारों को वाराणसी में शैक्षणिक सत्रों, भाषा कार्यशालाओं, साहित्यिक आदान-प्रदान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से एक साथ लाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य भाषाई शिक्षा, आपसी समझ और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें