अब यूपी बोर्ड के इंटर कॉलेजों में कॉन्वेंट स्कूलों के पैटर्न पर पढ़ाई कराई जाएगी। कई प्रकार के शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा तथा छात्रों के बौद्धिक विकास के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित कराई जाएंगी। शिक्षकों की लापरवाही इसमें बाधक न बने, इसके लिए सीसीटीवी कैमरे और बायोमेट्रिक मशीनें लगाई जाएंगी।
कॉन्वेंट स्कूलों में विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के लिए तमाम गतिविधियां की जाती हैं। प्रार्थना के दौरान समाचार पत्रों की सुर्खियों को सुनाकर बच्चों को तात्कालिक जानकारियों से अपडेट कराया जाता है। महापुरुषों के जीवन पर जानकारी देकर उनका ज्ञान बढ़ाया जाता है, वहीं गीत, संगीत, चुटकुले और कहानियों से उनकी प्रतिभा में निखार लाने का प्रयास किया जाता है।
इसके अलावा कई गतिविधियां होती रहती हैं। इन स्कूलों की यही गतिविधियां अभिभावकों को आकर्षित करती हैं, जिस वजह से वह अपने बच्चों का एडमीशन यहां मोटी फीस देकर कराते हैं। अभिभावकों को लुभाने के लिए अब यूपी बोर्ड से मान्यता प्राप्त सरकारी, गैर सरकारी और अनुदानित इंटर कॉलेजों में इस प्रकार की गतिविधियां चलाई जाएंगी।
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माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने शैक्षिक कलेंडर में यह निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी माध्यमिक कॉलेजों को 15 दिन के अंदर सीसीटीवी कैमरा और बायोमेट्रिक मशीन लगाने के निर्देश दिए है। राजकीय विद्यालयों में यह व्यवस्था आकस्मिक मद, बॉयज फंड से, अनुदानित कालेजों में विकास मद से और वित्त विहीन विद्यालयों में प्रबंध समिति को अपने निजी स्रोतों से कराने के निर्देश दिए है। इसके अलावा विद्यालय प्रारंभ होने से पूर्व सभी कक्षाओं, शौचालयों में नियमित साफ सफाई कराने को भी कहा है।
संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि जिला विद्यालय निरीक्षक को विद्यालयों में इस आदेश का पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कहा गया है कि निर्देशों का पालन हुआ या नहीं इसकी जांच कर रिपोर्ट देने को भी कहा गया है।
शासन के ये निर्देश बढ़ाएंगे शैक्षिक गुणवत्ता
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- केंद्रीय विद्यालयों की तर्ज पर यूपी बोर्ड के कॉलेजों में भी प्रार्थना सभा स्थल पर विद्यार्थियों को महापुरुषों के जीवन और समाचार पत्रों के मुख्य अंशों से अवगत कराया जाए।
- सदनवार विद्यार्थियों के ग्रुप बनाकर उनमें वादविवाद, भाषण, निबंध, अंताक्षरी, पोस्टर प्रतियोगिताएं व स्काउट-गाइड के कार्यक्रम कराए जाए।
- विज्ञान में विद्यार्थियों की रुचि बढे़, इसके लिए प्रत्येक कॉलेज में विज्ञान क्लब का गठन होगा। मॉडल बनाने को प्रोत्साहित किया जाएगा।
- वर्ष में दो बार मई और जनवरी के पहले रविवार को विद्यालय में अध्यापक-अभिभावक एसोसिएशन की बैठक होगी। इसमें अभिभावकों से उनकी सलाह कॉलेज लेगा।
- प्रत्येक विद्यालय अपनी पत्रिका का प्रकाशन करेगा, ताकि विद्यार्थियों के लेख व कविताएं उनमें शामिल हो सके।
एक जुलाई से होगा नया शैक्षिक सत्र
यूपी बोर्ड का नया शिक्षा सत्र एक जुलाई से प्रारंभ होगा। इसका कारण विभाग ने बोर्ड परीक्षाओं के विलंब से होने और विधानसभा चुनाव होना बताया है। ऐसे में वर्ष 2017-18 का शैक्षिक सत्र नौ माह का रहेगा। संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक के अनुसार आगामी शिक्षा सत्र एक अप्रैल से पूर्व की तरह प्रारंभ होगा। उधर शिक्षा भवन में बायोमेट्रिक मशीन लगा दी गई है, जो शुक्रवार से प्रारंभ हो गई। माध्यमिक शिक्षा विभाग के सभी कार्यालयों के लगभग 80 कर्मचारियों ने अपनी उपस्थिति मशीन में अंगूठा लगाकर दर्ज कराई।