इलाहाबाद। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा का कार्यक्रम अक्तूबर के अंत या नवंबर के पहले सप्ताह में कैसे जारी होगा, इसे लेकर अफसर उहापोह में हैं। उनकी परेशानी का कारण 2018 का सरकारी छुट्टी का कैलेंडर है।
बिना इसके परीक्षा कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जाना संभव नहीं है। हालांकि, बोर्ड ने वर्ष 2017 के कैलेंडर के हिसाब कुछ परिवर्तन के साथ अनुमानित परीक्षा कार्यक्रम तैयार किया है, जिसे बुधवार को शिक्षामंत्री को सौंपेंगे।
यूपी बोर्ड की परीक्षा 2018 फरवरी-मार्च में कराने की तैयारी है। दो दिन पहले यहां आए उप मुख्यमंत्री एवं माध्यमिक शिक्षामंत्री डॉ.दिनेश शर्मा ने परीक्षा का कार्यक्रम अक्तूबर के अंत या नवंबर में जारी करने की घोषणा की।
उनका तर्क था कि तिथियां पहले से जारी होने पर छात्र-छात्राओं को तैयारी करने का पर्याप्त समय मिलेगा। इसके पहले भी मंत्री कह चुके हैं कि परीक्षा कार्यक्रम जल्द जारी होगा, लेकिन परीक्षा कार्यक्रम तैयार करने के लिए सबसे जरूरी है सरकारी छुट्टी का कैलेंडर। आमतौर पर यह कैलेंडर 15 दिसंबर के बाद ही जारी होता है।
पिछले वर्ष भी छुट्टी का कैलेंडर दिसंबर में जारी हुआ। उसके बाद 2017 की बोर्ड परीक्षाओं का कार्यक्रम घोषित हुआ, लेकिन इस बार सरकार यह काम पहले करना चाहती है। माना जा रहा है कि परीक्षा कार्यक्रम जल्द जारी करने का एक कारण यह भी है कि सभी विद्यालयों में समय से सीसीटीवी कैमरे लग सकें और नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए उन कैमरों के जरिए केंद्र की ऑनलाइन मॉनीटरिंग की सभी तैयारी की जा सके।
बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव के मुताबिक अनुमानित परीक्षा कार्यक्रम तैयार कर लिया गया है। इसे शासन को बुधवार को सौंप दिया जाएगा। इसके बाद परीक्षा की तारीखों पर अंतिम निर्णय होगा।