सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि अब जितने भी ऐसे कॉलेज जो उम्मीद से कमतर परफॉरमेंस कर रहे हैं या लाख कोशिशों के बाद भी कॉलेज की स्थिति में सुधार नहीं कर पा रहे हैं, ऐसे कॉलेजों को बंद किया जा सकता है या फिर उन्हें किसी दूसरी यूनिवर्सिटी के साथ या किसी और इंस्टीट्यूशन के साथ जोड़ा जा सकता है।
पिछले कुछ समय से 'UGC' ऐसे इंस्टीट्यूशन्स को आगे बढ़ाने के लिए उनमें सुधार करने के लिए मेंटरिंग कर रही है लेकिन इसके बाद भी जिनमें सुधार की गुंजाईश नहीं दिख रही है उनके ऊपर इस तरह की कार्यवाही हो सकती है।
रिपोर्ट के मुताबिक 'UGC' इस बार कॉलेजों को लेकर एक बिलकुल ही नए रोडमेप के साथ तैयार है जिसे ह्यूमन रिसोर्स डेवेलोपमेंट मिनिस्ट्री द्वारा तैयार किया गया है। जिसमें कॉलेज या इंस्टीट्यूशन को ज्यादा स्वायत्ता देने की तैयारी भी है।