आईआईटी की तर्ज पर देशभर के 31 एनआईटी में इंजीनियरिंग के प्रति लड़कियों का रुझान बढ़ाने और लैंगिक अंतर को पाटने के लिए केंद्र सरकार ने सुपर न्यूमेरी कोटे को मंजूरी दे दी है।
शैक्षणिक सत्र 2018 से एनआईटी समेत आईआईईएसटी शिबपुर में सुपर न्यूमेरी कोटा लागू होगा, जिसमें 20 फीसदी सीटें अतिरिक्त होंगी। यानी लड़कियों की सीट बढ़ने से लड़कों की सीटों में कोई कटौती नहीं की जाएगी।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, देशभर के 31 एनआईटी, आईआईईएसीटी में नए नियम के तहत वर्ष 2018 में दाखिले होंगे। इसमें सभी एनआईटी में लड़कियों की सीटों को बढ़ाया जाएगा। सुपर न्यूमेरी कोटा तीन वर्षों में पूरा किया जाएगा।
देशभर के एनआईटी में फिलहाल कुल 17,061 सीट हैं। इन सीटों में छात्राओं के लिए 20 फीसदी की अतिरिक्त बढ़ोतरी की जानी है। छात्राओं की संख्या बढ़ाने के लिए एनआईटी प्रबंधन को इस संबंध में हॉस्टल समेत अन्य व्यवस्थाओं को करने का निर्देश दिया गया है।
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हालांकि इस कोटे को लागू होने से लड़कों की सीटों पर कोई कटौती नहीं होगी। यदि कोई छात्रा इस कोटे से बाहर दाखिले के लिए आवेदन करती है तो भी उसे सीट मिलेगी।
जेईई मेन की परीक्षा करनी होगी पास
लड़कियों को इस विशेष कोटे में दाखिला लेने के लिए जेईई मेन की परीक्षा पास करनी होगी। एनआईटी में इस विशेष कोटे में मैरिट के आधार पर ही छात्रा को इंस्टीट्यूट समेत कोर्स प्रोग्राम मिलेगा। मंत्रालय ने इस नए नियम के तहत सेंट्रल सीट एलोकेशन बोर्ड या ज्वाइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी को दिशानिर्देश तय करने का भी निर्देश दिया गया है।
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कोटा वर्ष 2018 से लागू होगा, लेकिन पूर्णतय 2020-21 सत्र में होगा। एनआईटी में वर्ष 2016 में 22 फीसदी तो वर्ष 2017 में 14.3 फीसदी छात्राओं ने दाखिला लिया था। वहीं लड़कों का आंकड़ा वर्ष 2017 में 85.7 फीसदी था।