केरला गवर्नमेंट ने एक नई पहल करते हुए ट्रांसजेंडर कम्युनिटी के लिए एक स्पेशल प्रोग्राम की शुरुआत की है। इस नए प्रोग्राम के तहत राज्य के ट्रांसजेंडर कम्युनिटी को शिक्षित करने की तैयारी है।
गवर्नमेंट ने इस प्रोग्राम को लॉन्च करने से पहले 10 दिन तक चलने वाले एक सर्वे की शुरुआत भी है जिसके तहत राज्य में ट्रांसजेंडर कम्युनिटी की जनसंख्या का पता लगाया जाएगा। इसके बाद प्रोग्राम को अलग-अलग एरिया के हिसाब से शुरू किया जाएगा।
कोच्ची मेट्रो रेल लिमिटेड में ट्रांसजेंडर्स को नौकरी
ट्रांसजेंडर/सांकेतिक
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इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक सरकार का ये प्रोग्राम लिटरेसी मिशन के तहत चलेगा। यह प्रोग्राम ट्रांसजेंडर कम्युनिटी को सोसाइटी के पिछड़ेपन से निकाल कर सामने लाने और संविधान में दिए गए बराबरी के अधिकार को भी सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है।
पीएस श्रीकला, जो कि स्टेट लिटरेसी मिशन की डायरेक्टर हैं। उन्होंने बताया कि, "लिटरेसी मिशन से भी इस तरह के और दूसरे प्रोग्राम चलाता रहा है। अब हम ट्रांसजेंडर कम्युनिटी को इस प्रोग्राम के अंदर लाने की सोच रहे हैं। शरुआती कदम के तौर पर हमने पूरे राज्य में ट्रांसजेंडर सर्वे प्रोग्राम लॉन्च किया है। इसके पूरा होने के बाद, हमें ये पता चल जाएगा कि अलग-अलग जिलों में इनकी कुल संख्या कितनी है।"
खबरों की मानें तो लिटरेसी प्रोग्राम अप्रैल के महीने में शुरू किया जा सकता है। जिलों के सिविक अथॉरिटी और दूसरे एजुकेशन सेंटर से ट्रांसजेंडर स्टूडेंट्स को क्लास देने में मदद ली जाएगी।
श्रीकला ने बताया कि मिशन और दूसरी मार्जिनलाईज्ड कम्युनिटी जैसे विस्थापित लेबर वर्कर्स को भी इस प्रोग्राम के तहत साथ लाने की तैयारी में है।
राज्य के शिक्षामंत्री सी रवींद्रनाथ ने बताया कि, "प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा समाज तैयार करना है जहां कोई भी किसी से पिछड़ा नहीं हो और राज्य सरकार इसके लिए और भी दूसरे जरूरी कदम उठाती रही है। कोच्ची मेट्रो रेल लिमिटेड में ट्रांसजेंडर्स को नौकरी भी उसी दिश में बढ़ाया गया एक कदम था।
केरला में ट्रांसजेंडर पॉलिसी 2014 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 2015 में लागू किया गया। जिसके तहत ट्रांसजेंडर कम्युनिटी को भी सभी कंस्टीट्यूशनल राईट देने की बात कही गई थी।