देश में हाईयर एजुकेशन को लेकर दक्षिण भारत के अभिभावक अपने बच्चों पर सबसे ज्यादा पैसा निवेश करते हैं। तकनीकी शिक्षा के जरिए मां-बाप अपने बच्चों के सपनों को पूरा कराने के लिए काफी खर्चा करते हैं।
ग्रामीण इलाकों में रहने वालों के घर के कुल खर्चों में करीब 15.3 फीसदी हिस्सा उच्च शिक्षा पर खर्च होता है जबकि शहर में यही आंकड़ा 18.4 फीसदी है लेकिन अगर दक्षिण भारत की बात की जाए तो ये आंकड़े हाल ही में 43 और 38 फीसदी हो जाते हैं।
हाल ही में एक सर्वे के दौरान यह डेटा सामने आया है। दक्षिण भारत के शहरों में रहने वाले परिवार हर वर्ष करीब 49,690 रुपये खर्च करते हैं। वहीं ग्रामीण इलाकों के परिवारों का खर्च करीब 45,436 रुपये है।
अगर दक्षिण भारत में प्रति स्टूडेंट एवरेज खर्च की बात करें तो कुल 36,063 रुपये खर्च होते हैं जबकि उत्तर भारत में यही आंकड़ा घटकर महज 25,143 रुपये रह जाता है। डेटा में ये भी सामने आया है कि ग्रामीण भारत के लोगों की औसत आय के मुकाबले हाईयर एजुकेशन दिलाने का खर्च बहुत ज्यादा है।