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Safalta Talks : युवाओं को एआई से डरने की जरूरत नहीं, ये मार्केटिंग के लिए है मददगार : अंकुर

Wed, 14 Aug 2024 02:23 PM IST
Pushpendra Mishra Media Solution Initiative

सार

विषय : डिजिटल मार्केटिंग का भविष्य, उभरती भूमिकाएं और अवसर

अतिथि वक्ता : अंकुर देव शर्मा, डिजिटल मार्केटिंग प्रमुख, वीमोंडे प्रालि.

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The Future of Digital Marketing Career : Emerging Roles and Opportunities - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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सफलता.कॉम द्वारा डिजिटल मार्केटिंग के भविष्य, उभरती भूमिकाएं और अवसर विषय पर आयोजित किये गए मास्टर क्लास सेशन में अतिथि वक्ता वीमोंडे कंपनी में डिजिटल मार्केटिंग प्रमुख अंकुर देव शर्मा ने कहा कि आजकल डिजिटल मार्केटिंग सेक्टर काफी वृहद हो गया है। अब जैसे सोशल मीडिया और गूगल को ही ले लेते हैं। सोशल मीडिया- फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर, लिंक्डइन, यूट्यूब और सर्च इंजन में गूगल, याहू, एमएसएन, बिंग आदि। अब सर्च की बात करें तो सभी सर्च इंजन को मिलकर 87 प्रतिशत सर्च गूगल पर की जाती है। बाकी 13 प्रतिशत की सर्च अन्य प्लेटफॉर्म्स पर की जाती है।

 

मार्केटिंग के छात्र पहले सीखें SEO

मेरी पहली सलाह छात्रों को यही है वह सबसे पहले सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन यानी SEO सीखें। क्योंकि इसमें आपको सिखाया जाएगा कि किसी भी बिजनेस को गूगल में आर्गेनिकली कैसे प्रमोट करोगे। साथ भविष्य में भी एसईओ की नौकरियां सुरक्षित रहेंगी। क्योंकि एआई गूगल की एक एल्गोरिद्म की तरह ही है। सिर्फ नाम बदला है बाकी ये गूगल की एक एल्गो ही है। पहले जो एल्गोरिद्म गूगल द्वारा इस्तेमाल की जाती थी उसमें 24 घंटे में वेबसाइट्स की रैंक बदल जाती थी। छात्रों को एआई से घबराने की जरूरत नहीं हैं एआई से चीजें और आसान ही होंगी। क्योंकि एआई जैसे टूल्स डिजिटल मार्केटर्स की मदद करने के लिए डेवलप किए गए हैं।

 

एआई से डरने की जरूरत नहीं, ये हमारे लिए मददगार

एक ट्रेंड व्यक्ति ही एआई का इस्तेमाल करके बेहतर डिजिटल मार्केटिंग कर सकता है। और किसी भी कंपनी के बिजनेस ग्रोथ में मददगार हो सकता है। आजकल कंटेंट मार्केटिंग में बहुत से लोग चैट जीपीटी का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन ब्लॉगिंग में ये उस तरह से मददगार नहीं है आप केवल आइडिया ले सकते हैं। कंटेंट आपको खुद ही बनाना होगा। जैसे चैट जीपीटी से लिखे आर्टिकल को आप अगर वेबसाइट पर अपडेट करते हैं तो वह ब्लॉग गूगल ट्रैक नहीं करेगा। वो कंटेंट गूगल पर प्रमोट नहीं होगा। गूगल उसे इंडेक्स भी नहीं करेगा। बीते महीने ही गूगल का ये अपडेट आया है।

 

एक दशक में बिल्कुल बदल गई कंटेंट मार्केटिंग

कंटेंट मार्केटिंग के क्षेत्र में अब काफी बदलाव आया है। पहले कंटेंट मार्केटिंग बहुत कम होती थी जो लोग जानते नहीं थे। कंटेंट मार्केटिंग एसईओ का ही एक पार्ट होता है। अगर आप बेहतर तरीके से कंटेंट मार्केटिंग कर रहे हैं तो आप अपने गूगल पर ऑर्गेनिक ट्रैफिक सबसे ज्यादा जनरेट कर सकते हैं। इसमें गेस्ट पोस्टिंग, आर्टिकल सबमिशन आदि आते हैं जो ट्रैफिक जनरेट करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।

 

ऑनलाइन मार्केटिंग पर बढ़ा भरोसा

अंकुर ने कहा कि पहले कंपनियों में एक विभाग होता था। सेल्स एंड मार्केटिंग का, जिसमें मार्केटिंग अब ऑफलाइन और ऑनलाइन दो तरीके से होने लगा है। ऑनलाइन मार्केटिंग आज के समय में 90 प्रतिशत होने लगी है।

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