एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय से भौतिक विज्ञान में परास्नातक के विद्यार्थी अब पढ़ाई के साथ ही प्रतियोगी परीक्षा की भी तैयारी कर लेंगे। दस वर्ष बाद पाठ्यक्रम में हुए बदलाव के बाद आधुनिक शिक्षा दी जाएगी। छात्रों को इसमें शोधपरक शिक्षा भी मिलेगी। अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए संसाधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
नेट और सिविल सर्विसेज में मिलेगा लाभ
कुछ वर्षों से छात्रों का रुझान सिविल सर्विस की ओर बढ़ा है। मुरादाबाद के युवाओं को इसके लिए दिल्ली में जाकर कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। इस परेशानी से निजात दिलाने के उद्देश्य से नेट (नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट), गेट (ग्रेजुएट एप्टीट्यूट टेस्ट इंजीनियरिंग) और सिविल सर्विस की परीक्षा में आने वाले पाठ्यक्रम को जोड़ा गया है। विस्तृत रूप से पढ़ने के कारण उन्हें तैयारी में ज्यादा परेशानी नहीं आएगी।
नैनो टेक्नोलाजी की रहेगी थ्योरी
अति सूक्ष्म आकार, बेजोड़ मजबूती के कारण इलेक्ट्रॉनिक्स, चिकित्सा, बायोसाइंस, पेट्रोलियम, फोरेंसिक और रक्षा जैसे तमाम क्षेत्रों में नैनो टेक्नोलॉजी का शोध हो रहा है। इसकी लोकप्रियता को देखते हुए पाठ्यक्रम में इसकी थ्योरी पढ़ाई जाएगी। अधिकारियों के अनुसार प्रैक्टिकल उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
फाइबर ऑप्टिक्स को विकसित हो रही प्रयोगशाला
संचार के क्षेत्र में फाइबर ऑप्टिक्स का बहुत प्रयोग हो रहा है। पाठ्यक्रम में शामिल होने के बाद हिंदू कालेज में फाइबर ऑप्टिक्स की प्रयोगशाला विकसित करने के लिए विभिन्न कंपनियों से संपर्क किया जा रहा है। उपकरण लगाने के अलावा वह शिक्षकों को उसके प्रैक्टिकल की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षित भी करेंगे।
हिंदू कालेज के भौतिक विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ. मुकुल किशोर ने कहा फंड की थोड़ी परेशानी आ रही है। विभाग में सात नियमित स्टॉफ है, जबकि तीन सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। इंजीनियर एक बार प्रशिक्षित कर देंगे तो प्रैक्टिकल कराने में कोई परेशानी नहीं आएगी। आधुनिक होते समय में पाठ्यक्रम में बदलाव जरूरी था।