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Self-Control: संवाद में संयम है जरूरी, ऑफिस में हर बात कह देना समझदारी नहीं; सही तरीके से कहना ही है असली कला

Mon, 02 Mar 2026 10:07 AM IST
Shahin Praveen लेस्ली के. जॉन, हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू

सार

Harvard Business Review: खुलकर बात करना रिश्तों को मजबूत बनाता है, लेकिन कार्यस्थल पर हर शब्द सोच-समझकर बोलना जरूरी होता है। पेशेवर माहौल में संयम और मर्यादा ही आपकी छवि, सम्मान और विश्वसनीयता तय करते हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik
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विस्तार
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Professionalism: कार्यस्थल पर लोगों के सामने यह दुविधा रहती है कि वे अपनी निजी जानकारी किस हद तक साझा करें। निजी जानकारी से टीम में विश्वास और जुड़ाव बढ़ता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा खुलापन पेशेवर छवि को प्रभावित कर सकता है। इसलिए खुला संवाद जरूरी है, पर संतुलन बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। निजी बातें सोच-समझकर और सीमित रूप में साझा करनी चाहिए, ताकि विश्वास भी बना रहे और पेशेवर विश्वसनीयता भी सुरक्षित रहे।

पेशेवर सीमाओं का ध्यान रखें

कार्यस्थल पर बातचीत करते समय यह आवश्यक है कि आप अपनी पेशेवर सीमाओं का ध्यान रखें। अत्यधिक व्यक्तिगत, वित्तीय या पारिवारिक समस्याओं को साझा करने से बचना चाहिए, विशेषकर तब जब वे सीधे आपके कार्य से संबंधित न हों। ऐसे विषय न केवल सहकर्मियों को असहज कर सकते हैं, बल्कि आपकी पेशेवर छवि को भी प्रभावित कर सकते हैं। संतुलित और मर्यादित संवाद बनाए रखना बेहतर कार्य-संबंधों के निर्माण में सहायक होता है। व्यक्तिगत जीवन और पेशेवर वातावरण के बीच उचित दूरी बनाए रखने से आप अधिक परिपक्व, विश्वसनीय और जिम्मेदार व्यक्ति के रूप में देखे जाते हैं।

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शिकायत और गपशप से बचें

कार्यालय की गुटबाजी, गपशप या अनावश्यक शिकायतों से दूर रहना बेहतर होता है, क्योंकि इससे आपकी पेशेवर विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। बार-बार नकारात्मक चर्चा में शामिल होने से सहकर्मियों के बीच गलत संदेश जाता है। यदि कोई वास्तविक समस्या हो, तो उसे शांत और सम्मानजनक तरीके से उचित मंच पर रखें। समाधान-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने से आप अधिक परिपक्व और जिम्मेदार कर्मचारी के रूप में पहचाने जाते हैं।

नई नौकरी हो तो

नई भूमिका में या ऐसे सहकर्मियों के साथ जिन पर अभी पूर्ण विश्वास स्थापित नहीं हुआ है, सतर्क रहना समझदारी है। शुरुआत में जल्दबाजी में अत्यधिक जानकारी साझा करने के बजाय पहले परिस्थितियों को समझें, लोगों की कार्यशैली को परखें और आवश्यक जानकारी एकत्र करें। सोच-समझकर संवाद करने से आप अनावश्यक जोखिम से बचते हैं।

कार्य संबंधित जानकारी ही साझा करें

कार्यस्थल पर पारदर्शिता महत्वपूर्ण है, लेकिन हर बात हर व्यक्ति के साथ साझा करना आवश्यक नहीं होता। अत्यधिक जानकारी देने से न केवल आपका समय और ऊर्जा व्यर्थ हो सकते हैं, बल्कि इससे भ्रम, गलतफहमी या अनावश्यक हस्तक्षेप की स्थिति भी पैदा हो सकती है। संतुलित और उद्देश्यपूर्ण संवाद बनाए रखें। केवल वही जानकारी साझा करें, जो कार्य से संबंधित, उपयोगी और आवश्यक हो। इससे आप अपने काम पर बेहतर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे और आपकी पेशेवर दक्षता भी बनी रहेगी।
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