मधु बाबू के योगदान को संरक्षित करने की पहल
उन्होंने आगे कहा कि संग्रहालय महाविद्यालय परिसर के भीतर एक ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण स्थल पर विकसित किया जाएगा, जहां कभी उत्कल गौरव मधुसूदन दास का सम्मेलन कक्ष और आवासीय कार्यालय हुआ करता था। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य मधु बाबू के जीवन, आदर्शों और योगदान को संरक्षित और प्रदर्शित करना है।
1952 में, शैलबाला दास ने ओडिशा में महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अपने पिता का निवास दान कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप इस महाविद्यालय की स्थापना हुई। उन्होंने संस्थान के समर्थन में अपना निवास, मधुमंदिर भी दान कर दिया।