अब 5वीं और 8वीं के छात्रों के लिए पढ़ाई के सीरियस मसला बनने वाला है। जो छात्र ये सोचकर पढ़ाई पर कम ध्यान देते हैं कि पासिंग मार्क्स न आने के बावजूद उनको अगली कक्षा में बैठने का मौका मिलेगा तो वो गलत सोच रहे हैं। खबर है कि जल्द ही ये व्यवस्था खत्म होने वाली है। केंद्र सरकार इस पर तेजी से विचार कर रहा है।
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि राज्यों के समर्थन से केंद्र जल्द ही 5वीं और 8वीं कक्षा में छात्रों के परीक्षा में फेल होने पर उन्हें उसी कक्षा में रोके जाने की व्यवस्था शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि संसद में पारित किए जाने वाले प्रस्तावित विधेयक में, राज्यों को मार्च में 5वीं और 8वीं के छात्रों की परीक्षा कराने का अधिकार दिया गया है। इसमें फेल होने पर छात्रों को मई में परीक्षा में शामिल होने का एक आखिरी मौका दिया जाएगा।
मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि अगर छात्र दोनों प्रयासों में फेल रहते हैं तो उन्हें उसी कक्षा में रोक दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 25 राज्य इस कदम के लिए पहले ही अपनी सहमति दे चुके हैं।