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12वीं में हैं 75% से कम तो नहीं मिलेगा 'NIT' में दाखिला

Sun, 07 May 2017 10:02 AM IST
amarujala.com- सीमा शर्मा अमर उजाला ब्यूरो दिल्ली (Edited by: शिवेन्दु शेखर)
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Source
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नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलाजी (एनआईटी)में नए सत्र में दाखिला लेने वाले छात्रों को दाखिले की रेस मुश्किल होगी। क्योंकि इसी सत्र से एनआईटी में दाखिला लेने वाले छात्रों के 12वीं कक्षा में 75 फीसदी मॉर्क्स का नियम लागू होने जा रहा है।
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वहीं, इस सत्र से देशभर में 12वीं कक्षा में मॉडरेशन मॉर्क्स खत्म होने से एक-एक सीट पर कई दावेदार होंगे। जबकि दो स्पेशल राउंड काउंसलिंग होने के चलते इस बार छात्र सीट ब्लॉक करने की मनमानी नहीं कर सकेंगे। क्योंकि यदि दाखिला लेने के बाद स्पेशल राउंड काउंसलिंग की सीट छोड़ते हैं तो दाखिला फीस में से आधी राशि जुर्माने के रूप में काट ली जाएगी।
      
वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, आईआईटी की तर्ज पर ही देशभर के 31 एनआईटी (कुल 18013 सीट) में भी बीटेक प्रोग्राम में जेईई एग्जाम पास  करने के बाद ही दाखिला मिलता है लेकिन 12वीं कक्षा के वेटेज में अंतर था। एनआईटी प्रबंधन भी आईआईटी की तर्ज पर 12वीं कक्षा में वेटेज चाहता था, इसीलिए 40 फीसदी से वेटेज बढ़ाते हुए उसे 75 मॉर्क्स (सामान्य वर्ग)तक कर दिया था। जबकि आरक्षित वर्ग के लिए 70 पर्सेंट मॉर्क्स जरूरी होंगे।
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हालांकि सीबीएसई समेत देशभर के शिक्षा बोर्ड में मॉडरेशन मॉर्क्स खत्म होने से 75 मॉर्क्स तक लेने वाले छात्रों की संख्या अधिक हो जाएगी। इससे एक-एक सीट पर कई दावेदार होंगे।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : source
अधिकारियों के मुताबिक, पहली बार आईआईटी की तर्ज पर ही एनआईटी में अब स्पेशल राउंड काउंसलिंग में अलॉट सीट छोडने पर जुर्माना भी लगेगा, जोकि उसकी जमा करवायी गयी दाखिला फीस में से काटी जाएगी। एनआईटी में काउंसलिंग के लिए चार राउंड आयोजित होंगे, जिसमें छात्र सीट छोड़ सकता है।

हालांकि पांचवीं और छठीं स्पेशल राउंड काउंसलिंग होगी। इस दौरान वेटिंग लिस्ट के साथ-साथ पहली चार राउंड काउंसलिंग में सीट ले चुके छात्र भी दोबा काउंसलिंग के लिए आवेदन कर सकते हैं। लेकिन स्त्रइस पांचवीं और छठें राउंड की स्पेशल काउंसलिंग में सीट  छोडने पर जुर्माने का प्रावधान होगा।

इससे उन छात्रों को नुकसान होगा, जोकि मनपसंद कोर्स या इंस्टीट्यूट में दाखिले के लिए पहले सीट ब्लॉक कर लेते थे और बाद में सीट छोड़ देते थे। हालांकि अब छात्रों के पास सीट ब्लॉक करने का अधिकार नहीं होगा।  
    
इस योजना से सीट ब्लॉक करने वाले छात्रों को नुकसान तो उन छात्रों का लाभ मिलेगा, जोकि जेईई मेन में अच्छा स्कोर हासिल नहीं कर पाते थे और सीट ब्लॉक के चलते वेटिंग लिस्ट में सबसे निचले पायदान पर रहते थे। अब ऐसे छात्रों को एनआईटी में सीट मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। बता दें कि पिछले साल एनआईटी में करीब 1518 सीट खाली रह गयी थी।       
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