आदिवासी संस्कृति और आजीविका को बढ़ावा देने पर फोकस
मंत्री कुंवर विजय शाह के अनुसार, आदिवासी धार्मिक और पूजा स्थलों का उन्नयन किया जाएगा और आदिवासी समुदाय की सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 86 आदिवासी विकास खंडों में कला केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
शाह ने बताया कि दिंडोरी जिले की गोंड चित्रकला को भौगोलिक संकेत (जीआई) प्राप्त हो चुका है, जबकि सात अन्य उत्पादों - भील जनजाति की गुलशन माला और बोलनी, पिथोरा चित्रकला शैली, झाबुआ आदिवासी गुड़िया, और गोंड जनजाति के वाद्य यंत्र बाना चिकारा और लकड़ी के मुखौटे शिल्प - के जीआई टैगिंग की प्रक्रिया चल रही है।
गुजरात के केवडिया में चल रहे आदिवासी महिला कैफेटेरिया की तर्ज पर पचमढ़ी, मांडू, कान्हा-किसली, पेंच और बांधवगढ़ में कैफेटेरिया का निर्माण किया जा रहा है। इन सुविधाओं का संचालन आदिवासी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा किया जाएगा, जिससे उन्हें आजीविका के अवसर मिलेंगे और साथ ही आदिवासी संस्कृति को संरक्षित करने में मदद मिलेगी।