देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में वर्ष 2018 से दाखिले के लिए एक प्रवेश परीक्षा पर जुलाई में फैसला हो सकता है। सरकार जुलाई तक देशभर के राज्यों से मिले सुझावों और विशेषज्ञों की सलाह पर इंजीनियरिंग की एक दाखिला प्रवेश परीक्षा शुरू करने की योजना बना रही है।
फिलहाल कैपिटेशन फीस खत्म करने का हल तलाशने के चलते देरी हो रही है।
सूत्रों के मुताबिक, मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट शुरू होने के बाद कैपिटेशन फीस की दिक्कत अभी भी छात्र व अभिभावक झेल रहे हैं। जबकि इंजीनियरिंग कालेज भी छात्रों से कैपिटेशन फीस वसूलते हैं। हालांकि सरकार ने मेडिकल और इंजीनियरिंग कालेज प्रबंधन को सख्त निर्देश दे रहे हैं कि दाखिले के साथ वे कैपिटेशन फीस नहीं लेंगे।
दक्षिण भारत के कई निजी इंजीनियरिंग व अन्य कालेजों के छात्रों ने ही मानव संसाधन विकास प्रकाश जावडेकर को ईमेल पर कैपिटेशन फीस लेने की जानकारी दी थी और समस्या का हल निकालने की मांग रखी थी।
इसी के चलते सरकार ने मेडिकल के बाद इंजीनियरिंग के लिए भी एक दाखिला प्रवेश परीक्षा की तैयारी वर्ष 2018 से कर रखी है। इसके तहत देशभर के ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन के सभी कालेज व विश्वविद्यालय एक ही आवेदन विंडो से दाखिला करेंगे। हालांकि इसमें देशभर के 31 आईआईटी शामिल नहीं होंगे।