ऑनलाइन मिलेगा प्रशिक्षण
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ऑनलाइन माध्यम से लाइव और इंटरेएक्टिव सत्रों के रूप में आयोजित किया जाएगा। प्रतिभागी आईआईआरएस के यूट्यूब चैनल के माध्यम से लाइव सत्रों में शामिल हो सकेंगे। प्रतिदिन की समय-सारणी इसरो लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) पर उपलब्ध कराई जाएगी। पंजीकरण के बाद प्रतिभागियों को इसरों एलएमएस पर लॉगिन के लिए यूजरनेम और पासवर्ड प्राप्त होंगे। एलएमएस के माध्यम से प्रतिभागियों को पाठ्यक्रम संबंधी दिशा-निर्देश और घोषणाएं, रिकॉर्डेड वीडियो सत्र, उपस्थिति, क्विज, फीडबैक और प्रमाण-पत्र से जुड़ी सुविधाएं मिलेंगी।
क्विज में भागीदारी जरूरी
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को इसरो एलएमएस पर उपलब्ध दैनिक क्विज में भाग लेना अनिवार्य होगा। एलएमएस प्रत्येक प्रतिभागी की पाठ्यक्रम गतिविधियों को 'कोर्स डेडीकेशन' के रूप में ट्रैक करेगा। इसमें वीडियो लॉग्स पर बिताया गया समय, दैनिक क्विज में भागीदारी व पाठ्यक्रम संबंधी फीडबैक जमा करने जैसे मानकों को शामिल किया गया है। इस तरह प्रतिभागियों की प्रशिक्षण में भागीदारी और सीखने के प्रति उनकी सक्रियता को रिकॉर्ड किया जाएगा। इसलिए प्रतिभागियों को पूरे प्रशिक्षण के दौरान एलएमएस पर नियमित रूप से अपनी गतिविधियां पूरी करनी होंगी।
मिलेगा प्रमाण-पत्र
कार्यक्रम में निर्धारित न्यूनतम प्रशिक्षण समय पूरा करने वाले प्रतिभागियों को 'कोर्स पार्टिसिपेशन' प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। प्रमाण-पत्र सीधे इसरो के ई-क्लास एलएमएस से डाउनलोड किया जा सकेगा। प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के दौरान एलएमएस पर नियमित रूप से अपनी गतिविधियां पूरी करनी होंगी, ताकि उनकी पाठ्यक्रम भागीदारी दर्ज होती रहे। क्विज और फीडबैक जैसी गतिविधियां भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा रहेंगी।
- यह प्रशिक्षण कार्यक्रम लाइव और इंटरएक्टिव सत्रों के रूप में आयोजित किया जाएगा।
- लाइव सत्रों के साथ रिकॉर्डेड वीडियो की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
- प्रतिभागियों को 'कोर्स पार्टिसिपेशन' प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा।
ऐसे करें अप्लाई
उम्मीदवार इसरो की आधिकारिक वेबसाइट isrolms.irs.gov.in/edusatregistration पर जाकर चार अक्तूबर, 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। प्रशिक्षण पांच अक्तूबर से शुरू होकर 10 अक्तूबर तक चलेगा। व्यक्तिगत पंजीकरण कराने वाले प्रतिभागियों को अलग से किसी अनुमोदन की जरूरत नहीं होगी और उनका पंजीकरण स्वतः स्वीकृत माना जाएगा। साथ ही उन्हें पंजीकरण के बाद एलएमएस की लॉगिन जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।