नवीनता परिवर्तन का इंजन है। 21 वीं सदी में ऐसी दिक्क्तों की कमी नहीं जिन पर हम सभी को मिलकर बात करने की जरूरत है। इन मुद्दों पर गहन चर्चा ही हमारी सोच में निखार ला सकती है और समाज को बेहतरी की ओर ले जा सकती है।
इस सोच को ध्यान में रखते हुए हर साल की तरह इस साल भी बरेली स्थित इंवर्टिस युनिवर्सिटी अपनी भूमिका निभाने को तैयार है। युनिवर्सिटी अगस्त के महीने में बहुलवाद, समाज और मैनेजमेंट पर अंतराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन कर रहा है।
इस सेमिनार को हावर्ड युनिवर्सिटी, यूएसए के साथ मिलकर सफल बनाया जाएगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस सेमिनार में कई मुद्दों पर बात की जाएगी। विचारों की विवधता के बीच कैसे हम मैनजेमेंट की मदद से हर समस्या का हल मुमकिन कर सकते हैं, इस पर चर्चा होगी।
सेमिनार के को-कंवीनर डॉ आर के शुक्ला ने बताया, ''इस सेमिनार में दुनिया भर से कई प्रोफेसर्स आएंगे और अपने पेपर्स पर चर्चा करेंगे। सेमिनार में देश भर से पांच युनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर और आईआईटी के कई प्रोफेसर्स भी हिस्सा लेंगे।''
इस सेमिनार से छात्रों को काफी कुछ हासिल होगा। चूंकि पेपर प्रेसेंट करने के बाद छात्रों के साथ इंटरएक्शन सेशन भी आयोजित किया जाएगा इसलिए, छात्रों की सभी दुविधाएं इन दिग्ग्ज प्रोफेसर्स से बात करके समाप्त होंगी।
हॉवर्ड युनिवसिर्टी से कुछ ऐसे भी प्रोफेसर्स हैं जो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की मदद से बच्चों से रू-ब-रू होंगे। उनके सेशन को फेसबुक पर लाइव भी किया जा सकता है ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्रों को इसका फायदा मिल सके।
डॉ आर के शुक्ला ने बात को आगे बढ़ाते हुए बताया कि देश में भी ऐसे कई छात्र हैं जिन्हें अपने पेपर्स को प्रेजेंट करना और शेयर करना पसंद है। इंवर्टिस युनिवर्सिटी ऐसे बच्चों के लिए एक मंच का काम करती है।
इस सेमिनार में प्रोफसर्स के साथ अन्य जगहों में पढ़ चुके या पढ़ने वाले छात्रों को पेपर्स प्रेसेंट करने का मौका मिलेगा। इन बच्चों का चयन युनिवर्सिटी अपने लेवल पर करेगी।
विश्वविधायल के कुलपति और कंवीनर प्रोफेसर जगदीश शुक्ल ने बताया क हमारे विश्वविद्यालय की ख्याति सारी दुनिया में फैल रही है। हम अमेरिका तथा अन्य देशों के साथ शिक्षा के प्रसार के लिए संयुक्त प्रयास कर रहे हैं।
ज्ञान के प्रसार के लिए युनिवर्सिटी हमेशा ही तत्पर है और अपना योगदान निभाने को तैयार भी।