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International Literacy Day: अब 'डिजिटल साक्षरता' से बनेगा 'डिजिटल इंडिया'

Fri, 08 Sep 2017 11:22 AM IST
amarujala.com- Presented by: पूर्णिमा आचार्य
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भारत को डिजिटल इंडिया बनाने के लिए केंद्र सरकार पुरजोर कोशिश में लगी हुई है। सरकार की मानें तो डिजिटल इंडिया तैयार करने से पहले देश के लोगों को डिजीटली साक्षर करना बहुत जरूरी है और इसलिए इस साल International Literacy Day पर सरकार देशवासियों को डिजिटल साक्षर बनाएगी।
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सरकार के मुताबिक डिजिटल अर्थव्यवस्था एवं डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए देश के 6 करोड़ ग्रामीण परिवारों को डिजिटली साक्षर बनाने के उद्देश्य से 2351 करोड़ रुपए की लागत वाले प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान को इस साल फरवरी में मंजूरी दे दी गई थी।  

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डिजिटल साक्षरता के लिए दो योजनाओं को मिली मंजूरी

केंद्र सरकार ने दो योजनाओं को डिजिटल साक्षरता प्रदान करने के लिए स्वीकृत किया है जिनके नाम हैं, राष्ट्रीय डिजिटल साक्षरता मिशन (एनडीएलएम) और डिजिटल साक्षरता अभियान (डीआईएसएचए) जो सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड, एक स्पेशल  पर्पस व्हीकल (सीएससी-एसपीवी) (कंपनी अधिनियम 1956 के अंतर्गत स्थापित एक सार्वजनिक लिमिटेड कंपनी) के द्वारा एक साथ लागू किया गया है। प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान के तहत मार्च 2019 तक सभी 6 करोड़ परिवारों को डिजिटल तौर पर साक्षर किया जाएगा। 
                                           
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डिजिटल उपकरणों के इस्तेमाल पर दिया जाएगा जोर

आपको बता दें कि इस अभियान के तहत वर्ष 2017-18 में 3 करोड़ लोगों को और वर्ष 2018-19 में बाकी बचे 3 करोड़ लोगों को प्रशिक्षित किया जाएगा। डिजिटल साक्षरता के लिए देश की सभी ढाई लाख ग्राम पंचायतों में करीब 200 से 300 लोग प्रशिक्षित किए जाएंगे।

ये सभी लोग कंप्यूटर चलाने और डिजिटल उपकरणों जैसे स्मार्टफोन, और टैबलेट इस्तेमाल करना सीखेंगे। इसके अलावा ईमेल भेजने और प्राप्त करने, इंटरनेट चलाने, सरकारी सेवाओं तक पहुंच बनाने, सूचनाएं खोजने, ऑनलाइन बैंकिंग, CASHLESS लेनदेन करने में सक्षम होंगे।

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