भारत के विश्वविद्यालयों ने ग्लोबल रैंकिंग में बनाई पहचान
QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 के अनुसार, भारत ने विभिन्न विषयों और संकाय क्षेत्रों में शीर्ष 50 में कुल 27 स्थान हासिल किए हैं। यह पिछले साल 2024 में मिले 12 स्थानों से दोगुने से भी अधिक है और ये स्थान 12 अलग-अलग संस्थानों ने प्राप्त किए हैं।
मुख्य संस्थानों में इंडियन स्कूल ऑफ माइंस (ISM) यूनिवर्सिटी, धनबाद शामिल है, जिसे खनिज और खनन इंजीनियरिंग में वैश्विक स्तर पर 21वां स्थान मिला है। वहीं, आईआईएम अहमदाबाद को व्यवसाय एवं प्रबंधन अध्ययन और विपणन दोनों में 21वां स्थान प्राप्त हुआ है। विशेष रूप से विपणन के क्षेत्र में यह भारत का पहला स्थान है, क्योंकि इससे पहले भारत कभी भी विपणन की वैश्विक रैंकिंग में शामिल नहीं हुआ था।
इसके अलावा, शीर्ष 50 में आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी मद्रास और जेएनयू भी शामिल हैं।
शीर्ष 50 में छह विषयों में जगह
क्यूएस क्वाक्वेरेली साइमंड्स की सीईओ जेसिका टर्नर ने कहा, "इस वर्ष भारत का उदय केवल आकार के बारे में नहीं है: यह गुणवत्ता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में गति के बारे में है। इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और व्यवसाय में व्यापक सुधार एक ऐसी प्रणाली का संकेत देता है जो उद्देश्यपूर्ण ढंग से गति पकड़ रही है। अगला चरण इस बात से निर्धारित होगा कि संस्थान कितनी प्रभावी ढंग से अनुसंधान क्षमता को बढ़ाते हैं, वैश्विक साझेदारी का निर्माण करते हैं और विश्व मंच पर अपनी विशिष्टता को और निखारते हैं।"
आईआईटी दिल्ली ने इस संस्करण में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इसने छह विषयों में शीर्ष 50 में स्थान प्राप्त किया है, चार विषयों में भारत का नेतृत्व किया है - केमिकल इंजीनियरिंग (48वां स्थान, पहली बार शीर्ष 50 में), इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग (36वां), मैकेनिकल, एयरोनॉटिकल और मैन्युफैक्चरिंग इंजीनियरिंग (44वां स्थान, एक दशक से अधिक समय में सर्वश्रेष्ठ), और इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी व्यापक क्षेत्र (36वां) - और कंप्यूटर विज्ञान में 45वें स्थान के साथ दूसरे स्थान पर है।