गुरुवार को कैबिनेट कमिटी की बैठक में IIIT-PPP बिल 2017 पास कर दिया गया। इस बिल के साथ ही सालों से अटके पड़े इस फैसले पर भी मुहर लग गई कि अब से इंडियन इन्स्टिट्यूट ऑफ़ इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के जितने भी कॉलेज हैं वो भी अपने यहां पढ़ रहे छात्रों को डिग्री अवॉर्ड कर सकते हैं।
देश भर के सभी 15 इंडियन इंस्टिट्यूटऑफ़ इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी जो कि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर तैयार किए गए हैं उन्हें इंस्टिट्यूटशन ऑफ नेशनल इम्पोर्टेंस की श्रेणी में डाला गया है। मीटिंग में खुद प्रधानमंत्री मोदी भी मौजूद थे।
इस फैसले के बाद अब से ये इंस्टिट्यूट छात्रों को बीटेक, एमटेक या पीएचडी डिग्री भी अवॉर्ड कर सकते हैं। देशभर में पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप मॉडल पर कुल 20 इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के कॉलेज बनने थे, जिनमें से 15 खुल चुके हैं।
इंस्टिट्यूट ऑफ इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के संचालन में कुल 128 करोड़ का खर्च आता है जिसमें से केंद्र से 50%, स्टेट से 35% और इंडस्ट्री से 15% का कॉन्ट्रिब्यूशन आता है।