अतीत को स्वीकार करें
किसी भी संगठन को आगे बढ़ाने के लिए उसके अतीत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। संगठन ने पहले क्या अच्छा किया और किन मुश्किलों या गलतियों का सामना किया - इन सबको ईमानदारी से स्वीकार करना जरूरी होता है।
जब लीडर खुलकर अतीत की सच्चाई को मानते हैं और संगठन के इतिहास का सम्मान करते हैं, तो उन पर लोगों का भरोसा मजबूत होता है और वे भविष्य के बदलावों को आसानी से अपनाने के लिए तैयार होते हैं।
वर्तमान को स्पष्ट करें
संगठन इस समय कहां खड़ा है, यह सभी को साफ-साफ समझाना बहुत जरूरी है। आपने अब तक जो प्रयोग किए हैं और जिन समस्याओं को पहचाना है, उनके आधार पर यह बताएं कि अभी बदलाव क्यों आवश्यक है।
जब लोग वर्तमान स्थिति, उसकी चुनौतियों और उससे होने वाले नुकसान को समझते हैं, तब उन्हें यह एहसास होता है कि परिवर्तन टालने का विकल्प नहीं है, बल्कि अभी कदम उठाना ही सबसे सही समय है।
भविष्य की एक आकर्षक छवि प्रस्तुत करें
लोगों को सिर्फ यह बताना काफी नहीं होता कि बदलाव जरूरी है, बल्कि यह भी दिखाना होता है कि बदलाव के बाद स्थिति कितनी बेहतर होगी। इसलिए परिवर्तन के बाद संगठन कैसा होगा - काम करने का माहौल, अवसर, विकास और सफलता - इन सबकी एक साफ और आकर्षक तस्वीर आपको उनके सामने रखनी चाहिए।
जब लोग भविष्य को स्पष्ट रूप से देख पाते हैं और उसमें अपनी भूमिका समझते हैं, तो उनकी ऊर्जा अपने आप जुड़ जाती है और वे पूरे मन से उस बदलाव की दिशा में आगे बढ़ते हैं।