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अब हिंदी दिलाएगी आपको बढ़िया रोजगार

Mon, 01 Sep 2014 10:56 AM IST
एजुकेशन डेस्क
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हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है, जिसका महत्व हमारे लिए कभी कम नहीं होगा। इस सच से इंकार नहीं किया जा सकता कि हिंदी माध्यम से भी अवसरों में इजाफा हुआ है। कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां हिंदी के बगैर काम चल ही नहीं सकता। असल में बढ़ती तकनीकी जरूरतों के मद्देनजर हिंदी ने भी खुद को उनके अनुकूल ढाल लिया है। जब कंप्यूटर और कॉल सेंटर में भी हिंदी का इस्तेमाल हो रहा है तो ऐसे में हिंदी के लिए अवसरों में भला कहां कमी हो सकती है!
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पाठ्यक्रम कैसे-कैसे
देश के विभिन्न संस्थानों में हिंदी से संबंधित कई कोर्स मौजूद हैं। ये कोर्स ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, एमफिल और पीएचडी स्तर के हैं। इसके अलावा हिंदी से संबंधित डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स भी उपलब्ध हैं, जिनका संबंध हिंदी ट्रांसलेशन, हिंदी जर्नलिज्म आदि से है। प्रोफेशनल कोर्स की श्रेणी में आने वाले ऐसे पाठ्यक्रम  कैरियर के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं। विदेशी संस्थानों में भी हिंदी से संबंधित पाठ्यक्रम मौजूद हैं।
रोजगार की कमी नहीं
हिंदी के माध्यम से कई क्षेत्रों में  रोजगार पाया जा
सकता है। इसमें सबसे प्रमुख सरकारी सेवा क्षेत्र
है, जिसके तहत केंद्र व राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में हिंदी ऑफिसर, हिंदी ट्रांसलेटर, स्टेनोग्राफर, लिपिक आदि के रूप में नियुक्तियां हो सकती
हैं। मीडिया हाउस में तो हिंदी के जानकारों की जबरदस्त मांग है। प्रिंट से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ऐसे
लोगों की जरूरत बनी हुई है। रेडियो पर भी अवसर मिलते हैं। ऑनलाइन जर्नलिज्म में भी हिंदी जानने
वालों के लिए रिक्तियां निकलती रहती हैं। इन जगहों
पर रिपोर्टर, सब-एडिटर, प्रूफ रीडर, एंकर, स्क्रिप्ट राइटर, रेडियो जॉकी आदि के रूप में अपनी सेवाएं दी जा सकती हैं।
वर्तमान वैश्विक माहौल में ट्रांसलेटर और द्विभाषिये
की अहमियत काफी बढ़ गई है। ऐसे प्रोफेशनल्स
के लिए सरकारी नौकरी से संबंधित अधिसूचना
समय-समय पर जारी होती रहती है, जिसमें वेतनमान
भी अच्छा होता है। ऐसे प्रोफेशनल्स को मीडिया हाउस के अलावा विभिन्न सरकारी विभागों में अवसर
मिलते हैं। हिंदी स्क्रिप्ट राइटिंग के जानकार आज फिल्मों, विज्ञापनों और धारावाहिकों की जरूरत बन
चुके हैं। हिंदी में तकनीकी लेखकों की आज काफी
मांग है। टीचिंग तो सदाबहार है, जहां स्कूल से
लेकर कॉलेज तक अवसर मिलते हैं। और तो और, अंग्रेजी के वर्चस्च वाले कॉल सेंटरों में भी अब हिंदी
के आधार पर नौकरी मिलने लगी है। हिंदी में भी
कंप्यूटर और इंटरनेट पर काम हो सके, इसके लिए
हिंदी के जानकार आईटी सेक्टर की भी जरूरत बनने लगे हैं।
आमदनी
इसके लिए कोई एक पैमाना निर्धारित नहीं किया जा सकता है। जॉब की प्रकृति के अनुसार की वेतनमान का निर्धारण किया जाता है। हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी पर भी अपनी पकड़ मजबूत रखने वालों के लिए तो अवसरों में और इजाफा हो जाता है।
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देश के लगभग सभी विश्वविद्यालयों में हिंदी और इससे संबंधित पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं, जिनमें से कुछ के नाम हैं :
केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा।
कोर्स : हिंदी शिक्षण (एमएड स्तरीय), हिंदी शिक्षण (बीएड स्तरीय), हिंदी शिक्षण (प्रवीण)
www.hindisansthan.org
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी
कोर्स : बीए/एमए/पीएचडी, पीजी डिप्लोमा कोर्स, डिप्लोमा कोर्स, सर्टिफिकेट कोर्स
www.bhu.ac.in
दिल्ली विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
कोर्स : बैचलर व मास्टर डिग्री के साथ अनुवाद/जनसंचार आदि में डिप्लोमा, रेडियो जॉकी व स्क्रिप्ट राइटिंग में शॉर्ट टर्म कोर्स
www.du.ac.in
इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू), नई दिल्ली
कोर्स : एमए इन हिंदी, सर्टिफिकेट कोर्स इन क्रिएटिव राइटिग, मीडिया कोर्स
www.ignou.ac.in
जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली
कोर्स : हिंदी में पीएचडी/एमएड/एमए/बीए, डिप्लोमा इन मास मीडिया ऐंड क्रिएटिव राइटिंग
www.jmi.nic.in
भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली
कोर्स : पीजी डिप्लोमा इन हिंदी जर्नलिज्म
www.iimc.nic.in
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