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मथुरा के GLA University ने सेफड्यूकेट लर्निंग सेंटर से मिलाया हाथ

Tue, 02 May 2017 07:37 PM IST
amarujala.com- अमर उजाला ब्यूरो मथुरा
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जीएलए
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शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और विद्यार्थियों में उद्योग जगत की जरूरत के मुताबिक स्किल सेट डेवलप करने के लिए जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा और सेफड्यूकेट लर्निंग सेंटर ने हाथ मिलाया है। एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) के तहत अब ये दोनों समूह आपस में मिलकर छात्रों को उच्च गुणवत्ता युक्त शिक्षा, ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट कोर्स प्रदान करने और समर प्रोजेक्ट्स (इंटर्नशिप) में मदद करने हेतु काम करेंगे। 
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सेफड्यूकेट लर्निंग सेंटर के लीड इंस्टीट्यूशनल एलाइंस सुरजीत और असिस्टेंट मैनेजर निशीकांत ने कहा कि, "लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन मैनेजमेंट न केवल किसी कंपनी के लिए आवश्यक सामान की समुचित व्यवस्था उचित समय व न्यूनतम खर्च करने के नजरिए से महत्वपूर्ण है, बल्कि रोजगार के लिहाज से भी इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं।

सेफड्यूकेट लॉजिस्टिक के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बना चुके सेफएक्सप्रेस समूह का ही एक अंग है, जो कि सप्लाई चेन मैनेजमेंट एवं लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में अपार संभावनाओं से विद्यार्थियों को रूबरू करवाएगा। उन्होंने बताया कि इस एमओयू के तहत अब जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा व सेफड्यूकेट संग मिलकर औद्योगिक जरूरतों के मुताबिक अपना कोर्स कंटेंट डिजाइन करेंगे एवं हर एक जरूरी पहलुओं से विद्यार्थियों को रूबरू करवाएंगे। इसके लिए आवश्यक वर्कशॉप, गेस्ट लेक्चर, ऑनलाइन एवं ऑफलाइन ट्रेनिंग, कांफ्रेंस आदि का समय-समय पर आयोजन किया जाएगा।
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कुलपति प्रो. दुर्ग सिंह चैहान ने कहा कि इस एमओयू के तहत विद्यार्थियों को सप्लाई चेन एवं लॉजिस्टिक्स से जुड़ी हर जरूरी जानकारी मिलेगी। सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में रिसर्च को बढ़ावा देने गुणवत्ता युक्त रिसर्च पेपर, जर्नल, किताबें और मैगजींन्स आदि की सुविधा विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जायेगी, जिससे वे अपने नॉलेज को बढ़ा सकते हैं। इससे पूर्व जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के प्रबंधन संकाय में एमबीए के विद्यार्थियों के लिए सेफड्यूकेट के अधिकारियों ने एक वर्कशॉप का आयोजन किया जिसके अन्तर्गत उन्होंने इस क्षेत्र की कार्यप्रणाली इसकी महत्ता एवं कॅरियर ऑप्शन के संदर्भ में विस्तार से चर्चा की।

वर्कशॉप के दौरान सेफड्यूकेट के अधिकारियों ने भारत सरकार के सागर माला प्रोजेक्ट का उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार यह परियोजना देश की आर्थिक तस्वीर को बदलने में सक्षम है। साथ ही विभिन्न कंपनियों का उदाहरण देते हुए उन्होंने व्यापार में लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन की महत्ता पर विस्तार से चर्चा की।
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इस मौके पर प्रतिकुलपति प्रो. आनंद मोहन अग्रवाल, कुलसचिव अशोक कुमार सिंह, विभागाध्यक्ष प्रो. विकास त्रिपाठी एवं प्रो. सोमेश धमीजा आदि उपस्थित रहे।
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