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पहली बार केवी के 1 लाख छात्र पुरानी किताबों से करेंगे पढ़ाई

Fri, 19 May 2017 03:02 PM IST
amarujala.com - presented by: पूर्णिमा आचार्य
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फिनलैंड और ब्रिटेन की तर्ज पर देश में पहली बार देशभर के केंद्रीय विद्यालय स्कूलों के छात्रों ने भी पुरानी पुस्तकों को रद्दी में बेचने की बजाय उसे दोबारा प्रयोग में लाने की पहल शुरू की है। केंद्रीय विद्यालय संगठन ने छात्रों के बीच शेयरिंग की भावना जागृत करने और पर्यावरण बचाने की मुहिम के तहत छात्रों को अपनी इच्छा से इसमें सहयोग मांगा था। अप्रैल से मई महीने के बीच करीब एक लाख छात्रों ने अपनी 258385 किताब अपनी जूनियर कक्षा को देने का फैसला लिया है।     
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पर्यावरण बचाने के प्रति जागरूकता अभियान

केंद्रीय विद्यालय संगठन के मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी ने पर्यावरण बचाने और छात्रों के बीच बेहतर संवाद व प्रेम भावना जगाने के लिए शेयरिंग योजना की पहल की है। इसमें छात्रों को सुबह की प्रार्थना के दौरान पर्यावरण बचाने के प्रति जागरूक किया गया। इसके अलावा उन्हें समझाया गया कि यदि वे अपनी किताबों को संभालकर रखते हैं तो उन पुरानी किताबों से एक अन्य छात्र भी पढ़ाई कर सकता है। इस योजना के चलते छात्रों ने पिछले शैक्षणिक सत्र में अपनी किताबों को बेहद संभालकर रखा, ताकि उसे कोई अन्य छात्र भी पड़ सकें।

मार्च में रिजल्ट जारी होने के बाद पहली से 12वीं कक्षा के करीब एक लाख छात्रों ने अपनी किताबें शेयरिंग योजना के तहत दी हैं। इसके बाद इन किताबों को स्कूल प्रबंधन ने जूनियर कक्षा के छात्रों को दे दिया। इससे जहां अभिभावकों को किताबें खरीदने के लिए आर्थिक परेशानी नहीं झेलनी पड़ी, वहीं छात्रों की इस पहल के चलते करीब 878 पेड़ कटने से बच गए क्योंकि एक पुस्तक का करीब 200 ग्राम भार होता है। इस प्रकार 51677 किलो पेपर की बचत हुई जिसके लिए करीब 17 पेड़ काटने पड़ते हैं।     
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