दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर पर अब छात्र रोजगार से जुड़े पाठ्यक्रमों की पढ़ाई करेंगे। जनवरी में शुरू होने वाले दूसरे सेमेस्टर से विभिन्न कॉलेजों में इनकी पढ़ाई शुरू होगी।
इन पाठ्यक्रमों को राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के सहयोग से पढ़ाया जाएगा। पाठ्यक्रम पूरा करने वालों में से कम से कम 70 फीसदी छात्रों के लिए रोजगार भी सुनिश्चित किया जाएगा। दिल्ली विश्वविद्यालय ने इन कोर्स के लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर भी कर दिए हैं।
डीयू के कुलपति प्रोफेसर दिनेश सिंह ने बताया कि स्नातक स्तर के छात्रों के लिए रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसके लिए एनएसडीसी से सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इससे छात्रों का कौशल का विकास होगा और पेशेवर ज्ञान प्राप्त करने में मदद मिलेगी। यह कोर्स उन्हें जॉब दिलाने के साथ-साथ उद्यमी बनाने में भी मदद करेंगे।
एनएसडीसी के सहयोग से ऐसे पाठ्यक्रम स्नातक स्तर पर लागू होंगे, जो कि एड-ऑन, शॉर्ट टर्म, अनिवार्य और स्वैच्छिक होंगे। इनमें बैकिंग, फाइनेंशियल सर्विस एंड इंश्योरेंस (बीएफएसआई), आईटी एंड आईटी एनेबल्ड सर्विस (आईटीईएस), हेल्थ केयर, एंटरटेनमेंट, टूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी और ऑटोमोटिव इंडस्ट्री शामिल हैं। एनएसडीसी के सहयोग से छात्रों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देकर प्रमाण पत्र दिए जाएंगे और रोजगार प्राप्ति की दिशा में उनकी मदद की जाएगी।