दिल्ली विश्वविद्यालय(DU) में शिक्षण सत्र 2017-18 के लिए दाखिला प्रक्रिया शुरू होने से पहले कॉलेजों के स्वायत्तता की पहल फिर तेज हो रही है। शुरुआत सेंट स्टीफन कॉलेज की ओर से हुई है। कॉलेज की गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन ने कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जॉन वर्गीज को पत्र लिखकर स्वायत्तता की मांग के साथ आगे बढ़ने को कहा है।
हालांकि, पत्र सामने आने के बाद कॉलेज के शिक्षक और छात्रों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है। बता दें कि बीते साल से ही डीयू के अंतर्गत आने वाले सेंट स्टीफन कॉलेज, जीजस एंड मैरी, खालसा कॉलेज समेत कुल छह कॉलेज स्वायत्तता की मांग को लेकर मुखर हैं।
हालांकि, विरोध के चलते मामला ठंडे बस्ते में चला गया था, मगर दाखिला प्रक्रिया शुरू होने से पहले सेंट स्टीफन कॉलेज प्रबंधन के रुख से साफ है कि स्वायत्तता का मुद्दा फिर से बाहर निकलने वाला है। सेंट स्टीफन कॉलेज प्रबंधन की ओर से लिखे पत्र के मुताबिक, कॉलेज नीतिगत फैसले लेने के लिए स्वतंत्र है।
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उसे इस संबंध में किसी अन्य से बात करने की जरूरत नहीं है। कॉलेज प्राचार्य को पत्र में सलाह दी गई है कि वह कॉलेज की स्वायत्तता के विषय को लेकर तेजी से काम करें।
शिक्षकों ने लगाया निजीकरण का आरोप
गौरतलब है कि 25 मार्च को कॉलेज की गवर्निंग बॉडी की बैठक में सभी की मंजूरी के बाद 12 अप्रैल को गवर्निंग बॉडी चेयरमैन की ओर से पत्र लिखकर इस विषय पर आगे बढ़ने के लिए कहा गया है। उधर, शिक्षकों का विरोध है कि कॉलेज प्रशासन शिक्षा के निजीकरण की तरफ बढ़ रहा है। उनका कहना है कि वे इसका विरोध आगे भी करते रहेंगे।