इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बढ़ावा
इस साझेदारी से देश में मजबूत और टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही नई तकनीक और बेहतर सहयोग के जरिए निर्माण क्षेत्र को और आगे बढ़ाया जाएगा। इस समझौते पर एनसीबी के महानिदेशक एलपी सिंह ने हस्ताक्षर किए, जिसमें डीटीयू के कुलपति प्रतीक शर्मा, रजिस्ट्रार बिनोद डोले और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
डीटीयू की दूसरी पहलें और स्टार्टअप को समर्थन
इसके अलावा, डीटीयू ने जनवरी में इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए आईईईएमए के साथ भी समझौता किया था। वहीं, मार्च 2026 में विश्वविद्यालय को अपने पूर्व छात्र राजेश के सोइन से 4 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली, जिससे ‘बायोम सस्टेनेबिलिटी वेंचर्स’ नाम का स्टार्टअप शुरू किया गया। इसका उद्देश्य खेती के कचरे और निर्माण से होने वाले पर्यावरण नुकसान को कम करना है।