उत्तराखंड अन्य राज्यों की तुलना में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा का एक पर्याय बन गया है। जिनमें एक विशेष नाम ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय का माना जाता है... अगर ग्राफिक एरा का उल्लेख हो तो इसके गतिशील और दूरदर्शी नेतृत्व को प्रो डॉ. कमल घनशाला के बिना अपूर्ण समझा जाएगा। प्रो घनशाला जो कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में डॉक्टरेट कि डिग्री प्राप्त किये हुए हैं, काफी कुशल एवं जानकर शिक्षक होने के साथ साथ एक बेहतरीन स्पोर्ट्समैन भी हैं। हाल ही में डॉ. कमल घनशाला को हायर एजुकेशन के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए री-थिंक इंडिया द्वारा वर्ष 2017 के विजनरी एडुप्रिंयोर ऑफ इंडिया के अवार्ड से सम्मानित किया गया है। यह अवार्ड भारत के पूर्व राष्ट्रपति श्री “प्रणब मुखर्जी ” ने दिल्ली में डॉ. कमल घनशाला को प्रदान किया।
इससे पहले 2016 में प्रोफेसर घनशाला उत्कृष्ट शिक्षा और शिक्षण प्रथाओं एवं संस्थानों के प्रबंधन में उनके द्वारा किये गए उचित योगदान के लिए डिस्टिंगुइशेड एजुकेशनिस्ट अवार्ड 2016 से नवाजे गए है। यह अवार्ड “द आइकान ऑफ द लर्निंग कॉनक्लेव” द्वारा बिजनेस एक्सीलेंस रिसर्च ग्रुप (बी ई आर जी) सिंगापुर में आयोजित हुआ था। इसके अलावा उन्हें 15 दिसंबर 2015 को ऑक्सफ़ोर्ड टाउन हॉल, ऑक्सफ़ोर्ड सिटी यूनाइटेड किंगडम में आयोजित प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में यूरोप बिजनेस असेंबली द्वारा विज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र में वर्ष के सर्वश्रेष्ठ मैनेजर ऑफ़ दी ईयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
इस अवसर पर डॉ घनशाला ने अमर उजाला टीम के साथ अपने विचार व्यक्त किये
प्रश्न: पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी द्वारा भारत के विजनरी एडुप्रिंयोर पुरस्कार से सम्मानित होने से पहले, आपको 2016 में न्यूयॉर्क क्वालिटी समिट द्वारा गोल्ड पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। तो आप इस तरह के पदों के साथ आने वाली अतिरिक्त जिम्मेदारियों को कैसे सँभालते हैं?
उत्तर: ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय हमेशा शिक्षा की गुणवत्ता में अग्रणी रहा है जैसा कि NAAC ग्रेड में भी देखा जा सकता है, जो इस क्षेत्र के उच्चतम स्कोर के साथ प्रथम प्रयासों में सम्मानित किया गया है - हम लगातार क्रमबद्ध हैं सभी सरकारी और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों द्वारा उच्च पुरस्कार से सम्मानित होने के लिए। इसका एक प्रमुख कारण विश्वविद्यालय की अवधारणा है जो न केवल मौजूदा लोगों के बीच है बल्कि हमारे मजबूत संबंध पूर्व छात्र आधार के बीच भी मौजूद है और वास्तव में हमारी मौजूदगी सभी सम्मानित अनुसंधानों, बड़े संगठन जैसे बी ए आर सी और इसरो के अलावा दुनिया भर के सभी प्रमुख कंपनियों में देखी एवं महसूस की जा सकती है। वर्तमान में कई पेटेंट के साथ स्नातक स्तर पर शोध प्रकाशन और स्वीकृति की प्रक्रिया में उचित जोर दिया गया है - हमारे संकाय के शिक्षकों द्वारा प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में अपने शोध के प्रकाशन को शामिल किया हैं। हाल ही में हमारे विश्वविद्यालय के डी एस टी द्वारा प्रायोजित टी बी आई में ग्राफिक एरा के कुछ छात्रों के उद्यमशीलता के प्रयासों के कारण समाचार की सुर्ख़ियों में भी रहे - इसलिए हम विभिन्न गतिविधियों में शामिल हैं जो आईआईटी के उन लोगों के साथ हमारे अनुसंधान और उद्यमिता प्रयासों को तुलनीय बनाती हैं।
प्रश्न: हमने देखा है कि वर्षों से आपने शिक्षा के क्षेत्र में मानदंड और स्थलचिह्न स्थापित किए हैं, आपके पास यह विजन कहाँ से आया?
उत्तर: यह साल ग्राफिक एरा के लिए उत्कृष्टता प्राप्त करने का 25वा साल है। साल 1993 में, जब हमने कंप्यूटर केंद्र के रूप में प्रोफेशनल्स को कंप्यूटर से जुड़े कोर्सेज प्रदान करने की शुरुआत की - हम उन पाठ्यक्रमों को शुरू करने में एक अग्रणी बन गए हैं जो रोजगार योग्यता के आधार पर ध्यान देते हैं और उसके बाद हमनें बीसीए, बीएससी आईटी, बीएमआईटी, एमसीए जैसे कोर्स शुरू किए हैं। उत्तराखंड राज्य में हमारे बीसीए पाठ्यक्रम के सफलतापूर्वक करीब 20 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं, जिससे हम राज्य में सबसे पुरानी संस्था बन गए हैं - इस प्रकार जब भी इंजीनियरिंग के क्षेत्र में गुनी लोगों की जरूरत होती है, ग्राफिक एरा विभिन्न संगठनों के लिए पसंद का गंतव्य बन जाता है।
प्रश्न: उभरते उद्यमियों के लिए कोई ख़ास संदेश?
उत्तर: जो लोग शिक्षा या किसी भी क्षेत्र में शुरूआत करना चाहते हैं, उनके लिए मेरी पहली सलाह यह होगी की प्रारंभिक आयु में शुरू करना हमेशा उपयुक्त होता है क्योंकि उस समय एक व्यक्ति की जोखिम लेने की शक्ति अधिक होती है और उसके अंदर एक जुनून और आग होती है। मुझे याद है कि जब मैंने पहली बार शुरुआत की तो मुझे असंभव/असफल शब्द के अर्थ समझ में नहीं आये। शुरुआत में छोटे निवेश के साथ आरंभ करें क्योंकि इससे कम जोखिम होता है और आपको विफलता की सीमित संभावनाओं के साथ बाजार की आवश्यकताओं/सार्वजनिक अवधारणाओं के अनुकूल होने की आजादी मिलती है, इसलिए छोटी और जल्दी शुरुआत जरूरी है। इसके अलावा, हमेशा बड़ा सपना देखो... मैं हमेशा
कहता हूं की अपने वांछित लक्ष्य को हासिल करने से पहले, मैं अपना अगला मील का पत्थर स्थापित करना शुरू कर देता हूं।