पिछले हफ्ते दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के छात्रों और शिक्षकों के बीच चेतन भगत के बहुचर्चित नॉवेल फाइव प्वाइंट सम वन को सिलेबस में शामिल करने की वजह से बहस की स्थिति बन गई थी। वजह साफ थी, छात्रों का कहना था कि चेतन भगत की नॉवेल को लिट्रेचर के रूप में शामिल करना सही नहीं है। खैर इसके बाद छात्रों को अच्छा फेसबुक पोस्ट लिखने की कला सीखाने की पेशकश की गई। जिसके लिए सभी कॉलेजों में सुझाव के लिए प्रस्ताव भी भेजे गए।
अब इसके बाद नए सत्र से छात्रों को किताबों के सिनेमैटिक अडॉप्शन को भी पढ़ाए जाने की योजना तैयार की गई है। सिनेमैटिक अडॉप्शन से मतलब है उन फिल्मों के बारे में जिन्हें किसी बड़ी किताब के आधार पर बनाया गया है, जिनमें 'ओमकारा', 'ब्राइड एंड प्रीजूडाइस', 'मकबूल', 'हैदर' या 'अंगू'र जैसी फिल्मों के बारे में पढ़ाया जाएगा।