दिल्ली के बच्चों को ज्यादातर उनके स्टाइल के लिए ही जाना जाता है लेकिन अब इन स्टाइलिश बच्चों की पसंद में बड़ा बदलाव नजर आ रहा है। आपको बता दें कि दिल्ली के बच्चे अब शिक्षा के क्षेत्र में निजी स्कूलों की जगह सरकारी स्कूलों का चयन कर रहे हैं। हिंदुस्तान में छपी खबर के अनुसार दिल्ली के 900 से अधिक बच्चे निजी स्कूलों को छोड़ सर्वोदय विद्यालय में एडमिशन ले चुके हैं।
सरकारी स्कूलों का परिणाम रहा निजी स्कूलों से बेहतर
बच्चों के अनुसार निजी स्कूलों हजारों की फीस देने के बाद भी पढ़ाई अच्छी नहीं होती जबकि हाल ही में दिल्ली के सरकारी स्कूलों में कम फीस में अच्छी शिक्षा प्रदान की जा रही है। दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 21 में बने नए सर्वोदय विद्यालय में कई बच्चों ने एडमिशन लिया है। 1 अप्रैल 2017 को इस स्कूल की शुरुआत हुई थी और आज इसमें करीब 1200 बच्चों पढ़ते है। एक पुरानी बिल्डिंग में करीब 69 कमरे हैं जिनमें योगा रूम, म्युजिक रूम, मैथ्स लैब और साइंस लैब भी शामिल है। इसके बावजूद निजी स्कूलों की शानोशौकत को छोड़ दिल्ली के बच्चे अब सरकारी स्कूल की तरफ बढ़ रहे हैं।
एक सर्वे के अनुसार इस साल दिल्ली के सरकारी स्कूलों में कक्षा 12वीं का परिणाम करीब 88.27 फीसदी रहा जबकि निजी स्कूलों में पास प्रतिशत 79.27 ही रहा था। बच्चों का मानना है कि जल्द ही दिल्ली के सरकारी स्कूलों में निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं प्राप्त हो जाएंगी।