गुड्स एवं सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) कानून देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का शंखनाद है। यह भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने का श्रीगणेश है। ये निष्कर्ष सामने आया दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज ने हाल ही में आयोजित दो दिवसीय वर्कशॉप में। कॉलेज ऑडिटोरियम में जीएसटी के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए आयोजित हुई इस वर्कशॉप में लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।
CICASA के चेयरमैन और मैनेजिंग कमेटी मेंबर विनीत राठी, विजिटिंग फैकल्टी और जीएसटी के जानकार अनुभव कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वक्ताओं ने उपस्थित लोगों को जीएसटी कानून के महत्व और उससे मिलने वाले फायदों की जानकारी दी।
वक्ताओं ने बताया कि पहले दुकानदार को अलग-अलग तरह के काम धंधे में 16 तरह के टैक्स का भुगतान करना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें सिर्फ एक,
जीएसटी का भुगतान करना होगा। इसके लिए ऑन लाइन व्यवस्था की गई है। पीएम मोदी ने नई कर प्रणाली को ’आर्थिक आजादी’ का नाम दिया है। उन्होंने ’जीएसटी’ को ‘गुड एंड सिम्पल टैक्स’ कहा है, जिसका मतलब होता है, ‘अच्छा और सरल कर’।
जीएसटी से व्यापार-व्यवसाय से जुड़े लोगों को सुविधा होगी। साथ ही आम जनता, विशेषकर गरीबों को भी बहुत लाभ होगा। कृषि और घरेलू उपयोग की ज्यादातर वस्तुओं को ’जीएसटी’ से मुक्त रखा गया है। आम जरूरतों के 80 प्रतिशत सामानों पर मात्र 5 से 18 प्रतिशत के बीच ’जीएसटी’ लगाया गया है। उच्च वर्ग के उपयोग की चीजों पर भी 28 प्रतिशत की दर से ’जीएसटी’ लगाया गया है, जिसकी संख्या भी कम है।
वर्कशॉप को आयोजित करने में कई लोगों की भूमिका अहम रही जिनमें ऑर्गेनाइजिंग कमेटी के मृत्युंजय शर्मा, शिवाली मित्तल और कृति भाटिया मुख्य रूप से शामिल थे। इसके अलावा प्रिसिंपल डॉ. एसके गर्ग और टीचर इंचार्ज डॉ. शालिनी भाटिया भी शामिल रहीं।