दिल्ली के चार इंजीनियरिंग विश्वविद्यालयों में सेंट्रल काउंसलिंग विंडो सीबीएसई बोर्ड के 12वीं के नतीजे के बाद खुलेगी। खास बात यह है कि पहली बार दिव्यांग छात्रों के लिए पांच फीसदी सीटें आरक्षित की गई हैं।
दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, इंदिरा गांधी दिल्ली महिला तकनीकी विश्वविद्यालय, इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली में बीटेक और आर्किटेक्चर प्रोग्राम में दाखिले सेंट्रल काउंसलिंग के माध्यम से करवाए जाते हैं।
शैक्षणिक सत्र 2018-19 में दाखिले का जिम्मा नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी को दिया गया है। दाखिला नियमों में बदलाव के बाद दिव्यांगों के लिए कुल सीटों में तीन फीसदी आरक्षित थीं, जिसे बढ़ाकर पांच फीसदी किया गया है।
इसी प्रकार उक्त शिक्षण संस्थानों में अलग-अलग नियमों के तहत भी छात्रों को छूट मिलती है। कुल सीट में से 85 फीसदी दिल्ली के स्कूलों से पास आउट छात्रों और 15 फीसदी सीट पर अन्य राज्यों के छात्र दाखिला ले सकते हैं। जबकि प्रति प्रोग्राम एक सीट कश्मीरी छात्रों के लिए आरक्षित हैं। वही, डीटीयू में सिंगल गर्ल्स चाइल्ड के लिए भी सीट का प्रावधान और दाखिले में छूट मिलती है।