विषय और प्रश्न पत्र में नहीं होगा कोई बदलाव
परीक्षा के दौरान यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि छात्रों को सिर्फ वही प्रश्न पत्र दिया जाए जो उनके एडमिट कार्ड में है। उदाहरण के लिए, अगर किसी छात्र का एडमिट कार्ड गणित मानक के लिए है, तो उसे गणित बेसिक का प्रश्न पत्र नहीं देना चाहिए। यही नियम अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत, उर्दू जैसे अन्य विषयों पर भी लागू होता है, जहां अलग-अलग पाठ्यक्रम के लिए अलग कोड होते हैं।
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विषय से हटकर लिखने पर रिजल्ट होगा रद्द
यदि कोई छात्र किसी ऐसे विषय की परीक्षा देता है जो उसके एडमिट कार्ड में नहीं है, तो उसे उस विषय में “अनुपस्थित” माना जाएगा। ऐसे छात्रों की परीक्षा रद्द कर दी जाएगी और उनका परिणाम उसी अनुसार तैयार किया जाएगा। यह कदम छात्रों और स्कूलों को सही विषय का पालन करने के लिए प्रेरित करने के लिए लिया गया है।
स्कूलों के लिए जिम्मेदारी
सीबीएसई उन स्कूलों के खिलाफ भी कार्रवाई करेगा, जो बोर्ड के निर्देशों का पालन नहीं करेंगे। इसका मतलब है कि स्कूलों को ध्यान रखना होगा कि छात्रों को सही विषय का ही प्रश्न पत्र दिया जाए, ताकि किसी तरह की परेशानी या परीक्षा रद्द होने जैसी स्थिति न बने।
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